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Traditional Idahal Vegetable: छत्तीसगढ़ की पारंपरिक इड़हल सब्जी गर्मी के मौसम में खूब पसंद की जाती है. यह उड़द दाल, दही और कोचई के पत्तों से तैयार की जाती है. हल्की खट्टी और मसालेदार यह डिश स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. गांवों से लेकर शहरों तक अब इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.

Traditional Idahal Vegetable Recipe: छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खानपान के लिए देशभर में पहचान रखता है. यहां के देसी व्यंजन स्वाद के साथ सेहत का भी खास ध्यान रखते हैं. इन्हीं पारंपरिक रेसिपी में शामिल है इड़हल की सब्जी, जिसे गर्मी के मौसम में गांवों से लेकर शहरों तक बड़े चाव से खाया जाता है. उड़द दाल, दही और कोचई (अरबी) के पत्तों से बनने वाली यह खास डिश हल्की खट्टी, मसालेदार और बेहद स्वादिष्ट होती है. ग्रामीण इलाकों में आज भी इसे पारंपरिक तरीके से बनाकर गर्म भात और रोटी के साथ परोसा जाता है.

दही और उड़द दाल से बनता है खास स्वाद
बिलासपुर में रहने वाली रसोई में काम कर रही अन्नू सूर्यकांत ने बताया कि इड़हल की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले उड़द दाल को भिगोकर पीसा जाता है. इसमें मसाले मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है. इसके बाद अरबी यानी कोचई के पत्तों को साफ कर उस पर यह मिश्रण लगाया जाता है और रोल बनाकर स्टीम किया जाता है. पकने के बाद इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर डीप फ्राई किया जाता है, जिससे यह सुनहरे और कुरकुरे हो जाते हैं.

छत्तीसगढ़ी स्टाइल में तैयार होती है कढ़ी
इड़हल का असली स्वाद उसकी खास कढ़ी में छिपा होता है. दही और उड़द दाल के मिश्रण से गाढ़ी कढ़ी तैयार की जाती है. इसमें सरसों, जीरा, लहसुन, सूखी मिर्च और मीठे नीम के पत्तों का तड़का लगाया जाता है. जब कढ़ी अच्छे से पकने लगती है, तब इसमें तले हुए इड़हल डालकर धीमी आंच पर पकाया जाता है. इससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है.

गर्मी में शरीर को देती है ठंडक
गांवों के लोगों का मानना है कि दही से बनी यह पारंपरिक सब्जी गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती है. साथ ही यह पाचन के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. उड़द दाल में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जबकि कोचई के पत्तों में आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं.

गांवों से शहरों तक बढ़ी लोकप्रियता
पहले इड़हल की सब्जी सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित थी, लेकिन अब शहरों में भी इसकी मांग बढ़ने लगी है. कई ढाबों और रेस्टोरेंट में भी यह पारंपरिक डिश परोसी जा रही है. छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटक भी इस देसी स्वाद को पसंद कर रहे हैं. पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खानपान की पहचान बन चुकी इड़हल की सब्जी आज स्वाद और सेहत दोनों के लिए लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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