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अगर आप स्वाद और सेहत का शानदार विकल्प खोज रहे हैं, तो अलसी की चटनी आपके लिए बेहतरीन हो सकती है. जी हां, कम समय में तैयार होने वाली यह पौष्टिक और स्वादिष्ट रेसिपी रोज के भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर के लिए भी बेहद लाभकारी और गुणकारी है. आगे जानिए…
अलसी पोषण तत्वों का खजाना माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इसी के चलते स्वास्थ्य विशेषज्ञ संतुलित आहार में इसे शामिल करने की राय देते हैं. इसकी चटनी रोटी, पराठा, दाल-चावल और स्नैक्स के साथ आसानी से परोसी जा सकती है. यह स्वाद और पौष्टिकता का संयोजन हर उम्र के लोगों को खूब भा रहा है.
अलसी की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले एक कप अलसी के बीज, आठ से दस लहसुन की कलियां, पांच से छह सूखी लाल मिर्च, एक छोटा चम्मच जीरा, दो बड़े चम्मच भुनी मूंगफली, स्वादानुसार नमक, आधा छोटा चम्मच काला नमक और एक छोटा चम्मच अमचूर के पाउडर की आवश्यकता पड़ती हैं. अमचूर की जगह पर एक बड़ा चम्मच नींबू का रस भी डाला जा सकता हैं.
सबसे पहले एक कड़ाही को हल्की आंच पर गर्म कर लें. अब इसमें अलसी के बीज डालकर चार से पांच मिनट तक भूनें. जब बीज हल्के चटकने लगें और खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर देना चाहिए. इसी कड़ाही में सूखी लाल मिर्च और जीरा भी हल्का भून लें. फिर सभी सामग्री को पूरी तरह ठंडा होने दें, ताकि स्वाद और खुशबू बरकरार रखें.
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अब मिक्सर जार में भुनी हुई अलसी, लाल मिर्च, जीरा, लहसुन, मूंगफली, नमक, काला नमक और अमचूर पाउडर आदि डाल देना चाहिए. सभी सामग्री को दरदरा पीस लें. यदि आप नींबू का रस उपयोग करना चाहते हैं, तो उसको पीसने के बाद मिला दे. अब तैयार चटनी को साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में भरकर सुरक्षित रखें, ऐसा करने से उसका स्वाद लंबे समय तक बरक़रार रहेगा.
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. इसमें फाइबर भी होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार है. इसे संतुलित भोजन का अच्छा हिस्सा माना जाता है और कई लोग इसे रोजाना खानपान में भी सीमित मात्रा में सेवन करते हैं.
अलसी में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्युनिटी पावर को मजबूत करने में सहायक होते हैं. प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में सहायता करते हैं. संतुलित मात्रा में इसका सेवन वजन प्रबंधन में भी उपयोगी होता है. किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति और संतुलित आहार के अनुसार ही करना उचित होता हैं.
चटनी बनाते समय कुछ सावधानियां भी बहुत जरूरी हैं. अलसी के बीजों को तेज आंच पर भूनने से उसका स्वाद कड़वा हो सकता है. तैयार चटनी हमेशा सूखे चम्मच से ही निकालें, ताकि उसमें नमी न पहुंच सके. यदि आप नींबू का रस मिलाए हैं, तो इसे फ्रिज में रखें और चार से पांच दिनों के भीतर ही प्रयोग करना बेहतर होता हैं.
अगर चटनी सूखी बनाई गई है, तो उसे एयरटाइट डिब्बे में भरकर तीन से चार सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है. कम सामग्री और आसान विधि से बनने वाली अलसी की चटनी स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखती हैं. इसी के चलते यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के भोजन को हेल्दी और स्वादिष्ट बनाने में सहायक होती हैं.