मिथिलांचल में साग सिर्फ एक सब्जी नहीं, बल्कि पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा है. चना, बथुआ, पालक और सरसों जैसे मौसमी साग का स्वाद पूरे साल लेने के लिए यहां के लोग वर्षों से ‘बीरा’ बनाने की परंपरा निभाते आ रहे हैं. यह साग को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का देसी तरीका है. बीरा बनाने के लिए सबसे पहले साग को हल्का फ्राई या सुखाकर सुरक्षित रखा जाता है. बाद में सरसों, लहसुन, काली मिर्च, हल्दी, लाल मिर्च, नमक और टमाटर के मसाले की ग्रेवी तैयार की जाती है. इसके बाद इसमें पहले से तैयार बीरा डालकर कुछ मिनट तक पकाया जाता है. बीरा चावल, रोटी, पराठे और लिट्टी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है. खास बात यह है कि इस पारंपरिक विधि से तैयार साग लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.
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