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अगर आप कुछ नया और पारंपरिक स्वाद ट्राई करना चाहते हैं, तो निमाड़ की यह अमाड़ी भाजी आपके लिए एक परफेक्ट विकल्प हो सकती है. अमाड़ी भाजी अपने खास खट्टे स्वाद के लिए जानी जाती है. लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. खासकर इसे ज्वार या मक्के की रोटी के साथ खाने का मजा ही अलग होता है. निमाड़ में जब भी मेहमान आते हैं, तो अमाड़ी भाजी जरूर परोसी जाती है. यह सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है.आइए जानते है इसे बनाने की विधि…

Amadi Bhaji: मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की पहचान सिर्फ संस्कृति और परंपरा से ही नहीं, बल्कि यहां के खास खानपान से भी होती है. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में से एक है खंडवा की मशहूर अमाड़ी (अंबाडी) भाजी, जिसका खट्टा-चटपटा स्वाद हर किसी को अपना दीवाना बना देता है. अमाड़ी की भाजी एक ऐसी डिश है, जिसे गांव से लेकर शहर तक लोग बड़े चाव से खाते हैं. हालांकि इसका असली स्वाद तभी मिलता है, जब इसे सही तरीके से बनाया जाए. अगर आप भी निमाड़ का असली जायका घर पर लेना चाहते हैं, तो जानिए इसकी आसान और पारंपरिक रेसिपी…

LOCAL 18 से बातचीत में खाने के शौकीन लव जोशी बताते हैं कि अमाड़ी भाजी अपने खास खट्टे स्वाद के लिए जानी जाती है. इसे तुअर दाल, लहसुन और राई के तड़के के साथ बनाया जाता है, जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है. इसे ज्वार या मक्के की रोटी के साथ खाने का मजा ही अलग होता है.

अमाड़ी भाजी बनाने के लिए सामग्री
अमाड़ी (अंबाडी) के पत्ते – 1 बड़ा गुच्छा
तुअर (अरहर) दाल – 1/2 कप (उबली हुई)
लहसुन – 8-10 कलियां (कुटी हुई)
हरी मिर्च – 3-4 (बारीक कटी)
सूखी लाल मिर्च – 2
राई और जीरा – 1/2 छोटा चम्मच
सरसों या तिल का तेल – 1 बड़ा चम्मच
हल्दी – 1/2 छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
हींग – 2-3 चुटकी

यहां जानें बनाने की विधि
सबसे पहले अमाड़ी के पत्तों को अच्छी तरह धोकर मोटे डंठल अलग कर लें. फिर पानी में 3-4 मिनट तक उबालें और ठंडा होने के बाद इन्हें हल्का मैश कर लें. अब तुअर दाल को हल्दी और नमक के साथ इस तरह उबालें कि वह गल जाए, लेकिन पूरी तरह मैश न हो. इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें राई, जीरा, हींग और कुटी हुई लहसुन डालकर भूनें. जब लहसुन हल्का सुनहरा हो जाए, तो उसमें हरी मिर्च और सूखी लाल मिर्च डालें. अब इसमें उबली और मैश की हुई अमाड़ी की भाजी डालकर 2 मिनट तक भूनें। इसके बाद इसमें उबली हुई दाल मिलाएं और स्वादानुसार नमक डालकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं, ताकि सभी स्वाद अच्छे से मिल जाएं. गरमा-गरम अमाड़ी भाजी को ज्वार या मक्के की रोटी के साथ परोसें.

स्वाद के साथ सेहत का खजाना
अमाड़ी भाजी सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है और शरीर को जरूरी पोषण देती है. कई लोग इसे औषधीय गुणों वाली सब्जी भी मानते हैं.

धीरे-धीरे कम हो रही है खेती
लव जोशी बताते हैं कि पहले किसान इसकी खेती बड़े स्तर पर करते थे, लेकिन अब इसकी खेती कम होती जा रही है, जिससे यह पारंपरिक भाजी धीरे-धीरे गायब होने लगी है. उनका मानना है कि अगर किसान फिर से इसकी खेती शुरू करें, तो उन्हें अच्छा मुनाफा भी मिल सकता है और निमाड़ की यह परंपरा भी जिंदा रह सकती है. अगर आप कुछ नया और पारंपरिक स्वाद ट्राई करना चाहते हैं, तो निमाड़ की यह अमाड़ी भाजी आपके लिए एक परफेक्ट विकल्प हो सकती है.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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