Last Updated:
Hyderabad Street Food Breakfast: हैदराबाद का राम की बंदी सुबह के नाश्ते के लिए बेहद मशहूर स्ट्रीट फूड स्पॉट है. यहां सुबह की पहली किरण के साथ ही स्वाद का बाजार सज जाता है और खाने के शौकीनों की भीड़ लग जाती है. खासतौर पर डोसा, इडली और मक्खन से भरपूर स्पेशल डिशेज लोगों को खूब पसंद आती हैं. इस जगह की खासियत इसकी सादगी, ताजगी और पारंपरिक स्वाद है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है. सीमित समय के लिए खुलने वाली यह दुकान जल्दी ही बंद हो जाती है, इसलिए लोग सुबह-सुबह ही पहुंच जाते हैं. राम की बंदी न केवल स्थानीय लोगों के बीच, बल्कि पर्यटकों के बीच भी एक लोकप्रिय फूड डेस्टिनेशन बन चुका है.
हैदराबाद: हैदराबाद की सड़कों पर जब सन्नाटा पसरने लगता है और स्ट्रीट लाइटों की पीली रोशनी में शहर सो जाता है, तब नामपल्ली के मोजम जाही मार्केट के पास एक अलग ही दुनिया बसती है. यह दुनिया है राम की बंदी की. महज एक छोटे से ठेले यानी बंदी से शुरू हुआ यह सफर आज हैदराबाद की सबसे बड़ी फूड पहचान बन चुका है.
राम की बंदी की सबसे बड़ी ताकत उनका पारंपरिक डोसे के साथ किया गया सफल प्रयोग है. यहाँ का डोसा आम डोसों की तरह सिर्फ सादा नहीं होता बल्कि उसमें मक्खन, पनीर और मसालों की एक भारी परत होती है.
यहाँ की इडली को खास तरीके से बीच से काटकर उसमें पिघला हुआ अमूल मक्खन और लाल पोडी मसाला भरा जाता है. यह इतना नरम होता है कि मुँह में जाते ही घुल जाता है.
राम कुमार की अपनी खास लहसुन चटनी और मसालों का मिश्रण हर डिश को एक नया जायका देता है. चाहे वह चीज चिली डोसा हो या पिज्जा डोसा, यहाँ का हर स्वाद लोगों को दोबारा आने पर मजबूर कर देता है.
शुरुआत ही तड़के 3:00 बजे भोर से होती
जहाँ दुनिया भर में रेस्टोरेंट रात 11 बजे बंद हो जाते हैं, वहीं राम की बंदी की शुरुआत ही तड़के 3:00 बजे भोर से होती है. सुबह होने से पहले ही यहाँ सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो जाती है राम कुमार बताते हैं कि वह रोज एक हज़ार से ज्यादा डोसा बेचते हैं डोसा की कीमत 70 रुपए से शुरू हो कर 140 रुपए तक होती है.
देर रात काम करने वाले प्रोफेशनल्स से लेकर सुबह की सैर पर निकले लोग और पार्टी से लौटते युवाओं तक, हर कोई यहाँ एक प्लेट गरमा-गरम डोसा पाने के लिए इंतजार करता है. सड़क किनारे खड़े होकर, धुएं के बीच तवे की खनखनाहट सुनते हुए डोसा खाना अब हैदराबाद का एक अनिवार्य अनुभव बन गया है.
एक छोटी सी दुकान भी पूरे शहर की धड़कन
1989 में एक साधारण ठेले से शुरू हुआ यह काम आज कई आलीशान आउटलेट्स तक पहुँच चुका है. राम कुमार की मेहनत और स्वाद के प्रति उनकी ईमानदारी ने इस बंदी को एक कल्ट का दर्जा दिला दिया है. आज राम की बंदी सिर्फ एक खाने की जगह नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि अगर स्वाद में दम हो, तो एक छोटी सी दुकान भी पूरे शहर की धड़कन बन सकती है.
यदि आप हैदराबाद में हैं और आपने यहां का मिडनाइट डोसा नहीं चखा, तो यकीन मानिए आपने इस शहर का एक बहुत ही दिलचस्प हिस्सा छोड़ दिया है.
About the Author
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें