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Palamu Famous Lassi Shop: मेदिनीनगर की पलामू लस्सी दुकान 30 साल से मशहूर है. यहां स्वाद के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. इस खास रबड़ी वाली लस्सी के लिए रोज 300 लीटर दूध की खपत है. साथ ही 1400 से ज्यादा गिलास लोग चट कर जाते हैं. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में.
पलामू: गर्मी का मौसम आते ही अगर किसी चीज का सबसे ज्यादा ख्याल आता है तो वह ठंडी-ठंडी लस्सी है. पलामू जिले में भी लस्सी का क्रेज कुछ ऐसा ही है कि लोग इसकी एक घूंट के लिए दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं. मेदिनीनगर शहर थाना के पास स्थित ‘पलामू लस्सी दुकान’ पिछले 30 सालों से अपने खास स्वाद के लिए पूरे झारखंड में मशहूर है. एक बार जो यहां की लस्सी का स्वाद चख लेता है. वह दोबारा जरूर लौटता है.
इस दुकान की शुरुआत प्रोपराइटर शैलेंद्र कुमार ने करीब तीन दशक पहले की थी. उस समय लस्सी की कीमत मात्र 5 रुपये प्रति गिलास थी. जो आज बढ़कर 40 रुपये हो गई है, लेकिन स्वाद आज भी वैसा ही बरकरार है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह दुकान साल में सिर्फ 8 महीने फरवरी से अक्टूबर तक लस्सी के लिए खुलती है. जबकि बाकी महीनों में यहां कचोड़ी, जलेबी और समोसे जैसे नाश्ते मिलते हैं. इस लस्सी की सबसे बड़ी पहचान है इसकी खास रबड़ी, जो गुलाबजल, केवड़ा और इलायची की खुशबू से तैयार की जाती है.
300 लीटर दूध की डेली है खपत
यहां रोजाना करीब 80 लीटर दूध से रबड़ी बनाई जाती है, जिसे लस्सी के ऊपर डालकर परोसा जाता है. यही स्वाद इसे बाकी लस्सी से अलग बनाता है. दुकान में हर दिन करीब 300 लीटर गाय और भैंस के शुद्ध दूध की खपत होती है, जिससे ताजी दही तैयार की जाती है और फिर उसी से लस्सी बनाई जाती है. गर्मी के दिनों में यहां रोजाना 1200 से 1400 गिलास लस्सी की बिक्री होती है. ठंडक बनाए रखने के लिए रोज 2 सिल्ली बर्फ का इस्तेमाल होता है. सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहने वाली इस दुकान पर रांची समेत कई जगहों से लोग खासतौर पर लस्सी पीने पहुंचते हैं. शादी-विवाह जैसे आयोजनों के लिए भी यहां से लस्सी की बुकिंग होती है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें