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Bihari Tisi Chutney Recipe: स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है बिहार की मशहूर अलसी (तिसी) की चटनी. इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. दाल-चावल या पराठों के साथ सर्व की जाने वाली यह चटनी दिल और पाचन को भी दुरुस्त रखती है. पढ़ें पूरी सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप विधि.
स्वाद और सेहत से भरपूर अलसी की चटनी(AI)
Bihari Style Tisi Chutney Recipe : बिहार के खान-पान का जब भी ज़िक्र होता है, तो सबसे पहले लिट्टी-चोखा का नाम दिमाग में आता है. लेकिन बिहारी रसोई की एक और बेहद ख़ास और पारंपरिक पहचान है तिसी (अलसी) की चटनी. भुनी हुई तीसी, लहसुन, सूखी लाल मिर्च और कच्चे सरसों तेल के झार से तैयार यह चटनी स्वाद में जितनी चटपटी और तीखी होती है, सेहत के लिहाज़ से उतनी ही गुणकारी. इसे दाल-चावल, रोटी या पराठे के साथ परोसा जाए, तो यह साधारण भोजन के जायके को भी दोगुना कर देती है. आइए जानते हैं ओमेगा-3 से भरपूर बिहार की इस मशहूर चटनी की बेहद आसान और पारंपरिक रेसिपी.
स्वाद और सेहत से भरपूर अलसी की चटनी(AI)
आवश्यक सामग्री (Ingredients)-
तीसी (अलसी): 1 कप
सूखी लाल मिर्च: 2 से 3 (स्वादानुसार)
लहसुन की कलियां: 8 से 10
नींबू का रस: 1 से 2 चम्मच
नमक: स्वादानुसार
कच्चा सरसों का तेल: 1 बड़ा चम्मच
पानी: आवश्यकतानुसार
स्टेप-बाय-स्टेप बनाने की विधि (Step-by-Step Recipe)
तीसी और मिर्च को भूनें:
सबसे पहले एक लोहे की कड़ाही या पैन को मध्यम आंच पर गरम करें. इसमें तीसी के दानों को डालें और लगातार चलाते हुए भूनें. जब तीसी चटकने लगे और उसमें से सोंधी सी खुशबू आने लगे, तो समझें कि यह भुन चुकी है. इसे ज़्यादा न भूनें, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है. अब उसी पैन में सूखी लाल मिर्च को भी हल्का सा सेक लें.
सूखा पीसें:
भुनी हुई तीसी और लाल मिर्च को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद इन्हें मिक्सी के जार में डालें. साथ ही लहसुन की कलियां और नमक मिलाकर पहले बिना पानी के सूखा (दरदरा या बारीक) पीस लें. सूखा पीसने से तीसी का महीन पाउडर आसानी से बन जाता है.
पेस्ट बनाएं:
अब जार में थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए मिक्सी को दोबारा चलाएं, जब तक कि चटनी का एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट न बन जाए.
सीक्रेट तड़का (झार वाला स्वाद): पीसी हुई चटनी को एक बाउल में निकालें. अब इसमें कच्चा सरसों का तेल और ताजा नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें. कच्चा सरसों तेल इस बिहारी चटनी की असली आत्मा है, जो इसे इसका खास तीखा ‘झार’ और देहाती ज़ायका देता है.
सेहत के लिए क्यों खास है यह चटनी?
ओमेगा-3 फैटी एसिड: अलसी में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.
पाचन तंत्र में सुधार: इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है.
कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण: अलसी का नियमित और सीमित सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है.
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मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…
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