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Bikaner Famous Moong Dal Paratha: बीकानेर का प्रसिद्ध मूंग दाल परांठा अपने विशाल आकार और पारंपरिक स्वाद के कारण पर्यटकों के बीच खास पहचान बना चुका है. बड़ा बाजार स्थित ‘परांठा ही परांठा’ दुकान पर तैयार होने वाला यह परांठा करीब डेढ़ से दो फुट चौड़ा और लगभग 500 ग्राम वजनी होता है. इसे बनाने में करीब 15 मिनट का समय लगता है. मूंग दाल, हींग, कसूरी मेथी, लाल मिर्च और अन्य देसी मसालों की खास भरावन के साथ इसे बड़े लोहे के तवे पर धीमी आंच में सेंका जाता है. महज 70 रुपये की कीमत में मिलने वाला यह परांठा दो से तीन लोगों के लिए पर्याप्त होता है. मसालेदार सब्जी, अचार और मक्खन के साथ परोसा जाने वाला यह व्यंजन बीकानेर आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है.

बीकानेर के बड़ा बाजार स्थित ‘परांठा ही परांठा’ दुकान पर संचालक रामकुमार पुरोहित विशाल मूंग दाल का परांठा तैयार करते हैं. यह परांठा करीब डेढ़ से दो फुट तक बड़ा होता है और इसका वजन लगभग आधा किलो होता है. पारंपरिक तकनीक और वर्षों के अनुभव से तैयार होने वाला यह परांठा अपने बेहतरीन स्वाद और बड़े आकार के कारण बीकानेर की खास पहचान बन चुका है. विशाल लोहे के तवे पर धीमी आंच में सिकने वाला यह प्रसिद्ध मूंग दाल का परांठा तैयार होने में करीब 15 मिनट का समय लेता है. सबसे पहले मूंग दाल में विशेष मसालों का मिश्रण तैयार कर भरावन बनाई जाती है. इसके बाद परांठे को बड़े आकार में बेलकर तवे पर 5 से 7 मिनट तक दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेंका जाता है. इसकी लाजवाब खुशबू दूर से ही लोगों को दुकान तक खींच लाती है. यही पारंपरिक तरीका और खास स्वाद इस परांठे को आम परांठों से अलग पहचान दिलाता है.

बीकानेर की चायपट्टी स्थित दुकान पर एक ओर विशाल तवे पर मूंग दाल का परांठा सिकता नजर आता है, तो दूसरी ओर ग्राहकों के लिए गर्मागर्म नाश्ता तैयार किया जाता है. यहां रोजाना करीब 100 से 150 लोग इस मशहूर परांठे का स्वाद लेने पहुंचते हैं. लगभग आधा किलो वजनी इस परांठे को अकेले खाना आसान नहीं माना जाता, इसलिए अधिकांश लोग इसे परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खाते हैं. यही वजह है कि यह दुकान आज बीकानेर के लोकप्रिय फूड डेस्टिनेशन में अपनी खास पहचान बना चुकी है.

बीकानेर का प्रसिद्ध मूंग दाल परांठा मसालेदार सब्जी, अचार और मक्खन के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को और भी खास बना देता है. बाहर से सुनहरा और कुरकुरा, जबकि अंदर से मसालेदार मूंग दाल की भरावन से भरपूर यह परांठा हर निवाले में देसी जायके का अलग अनुभव देता है. इसकी पहचान सिर्फ इसके विशाल आकार से नहीं, बल्कि पारंपरिक मसालों के संतुलित स्वाद और खास बनाने की विधि से भी है. यही वजह है कि एक बार इसका स्वाद चखने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग दोबारा यहां आना नहीं भूलते.

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विशाल तवे पर फैला करीब डेढ़ से दो फुट चौड़ा मूंग दाल का परांठा आज बीकानेर की खास पहचान बन चुका है. लगभग 500 ग्राम वजनी इस परांठे को पारंपरिक तकनीक और विशेष मसालों के साथ तैयार किया जाता है. बड़े आकार के कारण इसे अकेले खत्म करना आसान नहीं होता, इसलिए ज्यादातर लोग इसे परिवार या दोस्तों के साथ मिलकर खाते हैं. सुनहरी कुरकुरी परत और मसालेदार भरावन इसे स्वाद में भी खास बनाते हैं. यही अनोखा आकार और लाजवाब स्वाद पर्यटकों व स्थानीय लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है.

धीमी आंच पर सुनहरे रंग में सिककर तैयार होने वाला बीकानेर का प्रसिद्ध मूंग दाल परांठा अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जाना जाता है. इसे गेहूं के आटे, मूंग दाल, हींग, कसूरी मेथी, लाल मिर्च और अन्य देसी मसालों के खास मिश्रण से बनाया जाता है. बड़े लोहे के तवे पर सावधानी से सेंका गया यह परांठा बाहर से कुरकुरा और अंदर से स्वादिष्ट भरावन से भरपूर होता है. पारंपरिक विधि और संतुलित मसालों का यही मेल इसके स्वाद को लंबे समय तक लोगों की जुबान पर बनाए रखता है.

थाली से भी बड़ा नजर आने वाला बीकानेर का यह आधा किलो वजनी मूंग दाल परांठा अपने विशाल आकार और बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर है. आमतौर पर इसे दो से तीन लोग मिलकर आराम से खा लेते हैं. महज 70 रुपये की कीमत में मिलने वाला यह परांठा भरपूर मात्रा और लाजवाब स्वाद का शानदार मेल है. बाहर से कुरकुरा और अंदर से मसालेदार भरावन वाला यह व्यंजन बीकानेर आने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन चुका है और स्थानीय लोगों की भी पहली पसंद माना जाता है.

विशाल मूंग दाल परांठे के लिए कारीगर सावधानी से मसालेदार भरावन और आटे का मिश्रण तैयार करते हैं. स्वादिष्ट परांठे की असली शुरुआत इसी प्रक्रिया से होती है. मूंग दाल में हींग, कसूरी मेथी, लाल मिर्च और अन्य देसी मसालों का संतुलित मिश्रण मिलाया जाता है, जो इसे खास स्वाद और अलग पहचान देता है. इसके बाद आटे में भरावन भरकर बड़े आकार में बेलने की प्रक्रिया शुरू होती है. वर्षों से चली आ रही पारंपरिक विधि, अनुभवी हाथों की मेहनत और मसालों का अनोखा मेल ही इस परांठे को आज बीकानेर के सबसे चर्चित और लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल करता है.

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