Highlights
- पश्चिम बंगाल में 26 हजार पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती होगी, विधानसभा में सीएम ने किया ऐलान
- बंगाल विधानसभा में शुभेंदु अधिकारी के TMC पर तीखे हमले, पुलिस के राजनीतिकरण का लगाया आरोप
- बंगाल में 25 जुलाई को पेश होंगी सभी लंबित CAG रिपोर्ट, भ्रष्टाचार पर FIR की सिफारिश करेंगे: CM
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने जहां 26 हजार कांस्टेबलों की भर्ती की बात कही वहां यह भी ऐलान किया कि उनकी सरकार शरणार्थियों का स्वागत करेगी लेकिन घुसपैठियों को बाहर करेगी। उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।
25 जुलाई को कैग की सभी लंबित रिपोर्ट पेश करेगी सरकार
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 25 जुलाई को विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की सभी लंबित रिपोर्ट पेश करेगी। जिन मामलों में ऑडिट के दौरान भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलेंगे, उनमें एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की जाएगी। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक कद की परवाह किए बिना बख्शा नहीं जाएगा।
CAG रिपोर्ट पर विधानसभा के अगले सत्र में होगी विस्तार से चर्चा
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता की अगुवाई वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने वर्षों तक अनिवार्य CAG और लोकायुक्त की रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं कीं। उन्होंने इसे विधायी जवाबदेही का गंभीर उल्लंघन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि CAG रिपोर्ट पर अगले विधानसभा सत्र में विस्तार से चर्चा की जाएगी और उसके बाद रिपोर्ट की सिफारिशों पर कार्रवाई की जाएगी।
26 हजार पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल में 26 हजार पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इनमें से 16 हजार नियुक्तियां दुर्गा पूजा से पहले पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने तृणमूससरकार पर पुलिस का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ऐसी कोशिशों के खिलाफ है।
घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा
घुसपैठ के मुद्दे पर भी शुभेंदु अधिकारी ने सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शरणार्थियों का स्वागत करेगी, लेकिन घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर अंडे फेंकने को भी गलत बताया, लेकिन कहा कि ममता बनर्जी के शासन में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए।
नौका हादसे और सुरंग में जान गंवाने वालों को मुआवजा
वहीं, मुख्यमंत्री ने हालिया नौका हादसे और सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग हादसे में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के लोगों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को ‘नागरिक स्वयंसेवक’ की नौकरी देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। यह घोषणा उस वक्त की गई जब भारतीय जनता पार्टीविधायक चंद्रशेखर मंडल ने दो जुलाई को बंगाल की खाड़ी में कई मछुआरों के साथ मछली पकड़ने वाली नौका के लापता होने का मुद्दा उठाया। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर की यह नौका पांच दिन बाद काकद्वीप के पास बाघेर चार के नजदीक पलटी पाई गई।
वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ऐलान किया है कि आगामी 1 सितंबर से राज्य के सभी सरकारी क्षेत्रों में मातृभाषा बंगाली को अनिवार्य कर दिया गया है। अब भूमि सुधार विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक का सारा कामकाज बंगाली भाषा में ही संचालित किया जाएगा। सीएम अधिकारी ने इस बड़े फैसले के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक पत्र और महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का हवाला दिया गया है।
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