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Arsa Recipe: एक किलो चावल से अरसा बनाने के लिए करीब आधा किलो गुड़ चाहिए. तैयार गुड़ के पाक में पिसे हुए चावल को डालकर अच्छी तरह मिक्स किया जाता है. इसके बाद इस मिश्रण से छोटे-छोटे साइज के अरसे तैयार किए जाते हैं. इन्हें गर्म तेल में करीब पांच मिनट तक पकाया जाता है. इस तरह कुछ ही समय में स्वादिष्ट अरसे तैयार हो जाते हैं.
बालोद. छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों में अरसा एक खास पहचान रखता है. चावल और गुड़ से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ प्रदेश की पारंपरिक खानपान संस्कृति से भी जुड़ी हुई है. तीज-त्योहारों के मौके पर इसकी मांग खासतौर पर बढ़ जाती है. बालोद कलेक्टोरेट परिसर में संचालित बिहान समूह के कैंटीन में भी छत्तीसगढ़ी पारंपरिक मिठाई अरसा की खूब डिमांड रहती है. पिछले कई वर्षों से अरसा बनाने वाली सेवती ठाकुर ने इसकी आसान रेसिपी बताते हुए कहा कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले चावल को करीब तीन घंटे तक पानी में भिगोकर रखा जाता है. इसके बाद चावल को पानी से निकालकर अच्छी तरह सुखाया जाता है. चावल सूख जाने के बाद इसे दरदरा पीस लिया जाता है. इसके बाद कड़ाही में गुड़ डालकर उसका पाक तैयार किया जाता है.
सेवती ठाकुर के अनुसार, एक किलो चावल से अरसा बनाने के लिए करीब आधा किलो गुड़ की जरूरत पड़ती है. तैयार गुड़ के पाक में पिसे हुए चावल को डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. इसके बाद मिश्रण के छोटे-छोटे आकार के अरसे तैयार किए जाते हैं. इन्हें गर्म तेल में डालकर करीब पांच मिनट तक पकाया जाता है. इस तरह कुछ ही समय में स्वादिष्ट अरसा तैयार हो जाता है.
सौंफ और तिल बढ़ाते स्वाद
अरसे का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इसमें सौंफ और तिल भी मिलाए जा सकते हैं. इससे पारंपरिक मिठाई का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. खास बात यह है कि सही तरीके से तैयार और सुरक्षित रखने पर अरसा करीब 10 से 15 दिनों तक खराब नहीं होता.
त्योहारों का खास हिस्सा
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में अरसा त्योहारों का भी खास हिस्सा है. रक्षाबंधन, होली और दीपावली जैसे पर्वों पर कई परिवार घर में ही इसे तैयार करते हैं. वहीं तीज के दौरान इसकी मांग और बढ़ जाती है. ऐसे में अरसा सिर्फ एक मिठाई नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक विरासत और त्योहारों की मिठास को आगे बढ़ाने वाला खास पकवान भी है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.