नई दिल्ली. सिनेमा की दुनिया में कुछ फिल्में अपनी गहरी कहानी के लिए नहीं, बल्कि अपने बड़े कैनवस, स्टाइलिश स्टाइल और शानदार विजुअल के लिए जानी जाती हैं. ‘7 डॉग्स’ इस आइडियल को पूरी तरह से दिखाती है. यह एक जबरदस्त एक्शन-एंटरटेनर है जिसमें दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखने और उन्हें इंटरनेशनल लेवल का सिनेमाई अनुभव देने की क्षमता है. बड़ी स्टार कास्ट, शानदार लोकेशन, जबरदस्त एक्शन और शानदार प्रोडक्शन वैल्यू इस फिल्म को बड़े पर्दे पर एक सच्चा विनर बनाती हैं.

कहानी
‘7 डॉग्स’ की कहानी कोई मुश्किल या दिमाग घुमा देने वाली मिस्ट्री नहीं है. यह एक सीधी-सादी और तेज रफ्तार क्राइम-एक्शन थ्रिलर है. फिल्म का मेन प्लॉट एक इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क, एक मिशन और उसे अंजाम देने वाले हिम्मत वाले लोगों के इर्द-गिर्द घूमता है. कहानी शुरू से ही एक गोल सेट करती है और सभी कैरेक्टर अपनी बंदूकों और इरादों के साथ उसकी ओर बढ़ते हैं. हालांकि कहानी में ज्यादा सरप्राइज या गहराई नहीं है, लेकिन कहानी की रफ्तार इतनी तेज है कि देखने वाले को रुककर सोचने का ज्यादा समय नहीं मिलता. यह एक ऐसी स्क्रिप्ट है जिसका एकमात्र मकसद दर्शकों का मनोरंजन करना और उन्हें एक्शन की दुनिया में डुबो देना है.

एक्टिंग
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कई भाषाओं वाली और मल्टीनेशनल स्टार कास्ट है, जो इसे सच में एक ग्लोबल प्रोजेक्ट बनाती है. हालांकि फिल्म में कई जाने-माने लोग हैं, लेकिन करीम अब्देल अजीज और अहमद एज ‘7 डॉग्स’ की असली रीढ़ हैं. दोनों एक्टर स्क्रीन पर जबरदस्त तेजी और एनर्जी दिखाते हैं. उनकी परफॉर्मेंस फिल्म को एक मजबूत नींव देती है और वे एक्शन से लेकर इमोशनल सीन तक में छा जाते हैं. हॉलीवुड की खूबसूरत और अनुभवी एक्ट्रेस मोनिका बेलुची और जियानकार्लो एस्पोसिटो, जो अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए मशहूर हैं, हर बार जब वे आते हैं तो शो चुरा लेते हैं. मार्टिन लॉरेंस, अपने अनोखे स्टाइल से फिल्म में एक अनोखा स्वाद और हल्का-फुल्का मनोरंजन जोड़ते हैं. इंडियन ऑडियंस के लिए इस फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज और USP सलमान खान और संजय दत्त का एक साथ दिखना है. जब भी ये दोनों लेजेंड्स बड़े पर्दे पर आते हैं, थिएटर सीटियों और तालियों से गूंज उठते हैं. भले ही उनके रोल छोटे, लंबे कैमियो हों, लेकिन उनका स्वैग और स्टार पावर इतना दमदार है कि वे अपने कम समय में ही शो चुरा लेते हैं.

डायरेक्शन
डायरेक्टर का मेन फोकस फिल्म की कहानी में जाने के बजाय फिल्म के लुक, फील और पेसिंग पर है. डायरेक्टर को इस बात की गहरी समझ है कि इतनी दमदार कास्ट को कैसे पेश किया जाए. एक्शन सीन की कोरियोग्राफी और बड़े सेट-पीस का एग्जीक्यूशन शानदार है. डायरेक्टर ने फिल्म के हर सीन को लार्जर दैन लाइफ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालांकि, अगर उन्होंने कैरेक्टर्स की बैकस्टोरी और इमोशनल कनेक्शन पर ज्यादा फोकस किया होता, तो फिल्म सिर्फ एक विजुअल ट्रीट नहीं, बल्कि एक यादगार क्लासिक बन सकती थी. फिर भी, एक मास-एक्शन एंटरटेनर को डायरेक्टर का मास्टरफुल हैंडलिंग तारीफ के काबिल है.

सिनेमैटोग्राफी
‘7 डॉग्स’ की सिनेमैटोग्राफी इसके सबसे मजबूत पिलर में से एक है. कैमरे का काम सिर्फ सीन कैप्चर करना नहीं है, बल्कि दर्शकों को उस दुनिया में डुबो देना है. इंटरनेशनल लोकेशन को स्क्रीन पर खूबसूरती और शानदार तरीके से कैप्चर किया गया है. हाई-स्पीड कार चेज सीन, गनफाइट और आमने-सामने की मुठभेड़ें वाइड और क्लोज-अप में शूट की गई हैं, जो हॉलीवुड एक्शन फिल्मों की याद दिलाती हैं. रंगों और लाइटिंग का चुनाव फिल्म को एक रिच, ग्लॉसी और डार्क टोन देता है, जो एक क्राइम थ्रिलर के मूड से पूरी तरह मेल खाता है.

बैकग्राउंड म्यूजिक
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर (BGM) इसके एक्शन और सस्पेंस सीन में जान डाल देता है. जहां भी स्क्रीन पर टेंशन बढ़ता है, BGM की इंटेंसिटी दर्शकों की धड़कनें बढ़ा देती है. सलमान और संजय दत्त के एंट्री सीन में तेज म्यूजिक दर्शकों को एक्साइटमेंट से भर देता है. टेक्निकली, एडिटिंग बहुत टाइट है. कट-टू-कट सीन से फिल्म कभी भी सुस्त या सुस्त महसूस नहीं होती. एडिटर्स ने एक्शन और ड्रामा के बीच बैलेंस बनाए रखने में बहुत अच्छा काम किया है, जिससे फिल्म की पेस एक जैसी बनी रहती है.

कमियां
हर बड़ी फिल्म की तरह ‘7 डॉग्स’ में भी कुछ कमियां हैं. फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी घिसी-पिटी स्टोरीलाइन है. इसमें कुछ भी नया या जबरदस्त नहीं है, जिससे सस्पेंस और ट्विस्ट काफी हद तक प्रेडिक्टेबल हो जाते हैं. भारतीय दर्शकों को सबसे बड़ा अफसोस इस बात का होगा कि सलमान खान और संजय दत्त के किरदारों को और स्क्रीन टाइम दिया जा सकता था. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस इतनी शानदार है कि दर्शक फिल्म देखने के बाद उन्हें और देखना चाहते हैं. एक्शन और स्टारडम की चाहत में किरदारों के बीच इमोशनल कनेक्शन थोड़ा कमजोर हो गया है.

अंतिम फैसला
अगर आप ऐसी फिल्म ढूंढ रहे हैं जो आपको परेशान न करे और बस अपनी शानदार, स्टार पावर और खतरनाक स्टंट से आपको मंत्रमुग्ध कर दे, तो ‘7 डॉग्स’ एकदम सही च्वाइस है. यह फिल्म पूरी तरह से बड़े पर्दे के अनुभव के लिए बनी है. अगर आप सलमान खान, संजय दत्त या एक्शन थ्रिलर के पक्के फैन हैं, तो इस शानदार और इंटरनेशनल लेवल की फिल्म को थिएटर में देखना एक अच्छा सौदा होगा. मेरी ओर से इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार.



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