Last Updated:

Pali Food Destination: अगर आप पाली में कम कीमत में राजस्थानी घर जैसा स्वाद तलाश रहे हैं तो धनपत लॉज आपके लिए खास जगह हो सकती है. करीब छह दशक से ज्यादा समय से लोगों को भोजन परोस रहा यह प्रतिष्ठान अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जाना जाता है. यहां बाजार के तेज मसालों के बजाय सादे और देसी तरीके से सब्जियां और दाल तैयार की जाती हैं. थाली में रोटी के साथ गट्टे की सब्जी, भिंडी और दाल मिलती है, जिसे देसी घी के साथ परोसा जाता है. करीब 100 रुपये की भरपेट थाली इस जगह की बड़ी खासियत है. यही वजह है कि वर्षों बाद भी पाली के लोगों और राहगीरों के बीच धनपत लॉज का स्वाद अपनी जगह बनाए हुए है.

पाली के धनपत लॉज में खाने का असली जादू इसके पारंपरिक पकाने के अंदाज में छिपा है. बाजार के भारी-भरकम मसालों से अलग, यहां के भोजन में ठेठ राजस्थानी तड़का और घर जैसा सादापन मिलता है. यहां खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस नहीं होता, बल्कि मन को मां के हाथों के खाने जैसी तृप्ति मिलती है. सबसे मजे की बात यह है कि महंगाई के इस दौर में भी धनपत लॉज का मकसद जेब काटना नहीं, बल्कि दिल से खाना खिलाना है.

यह प्रसिद्ध भोजन स्थल राजस्थान के पाली शहर में वीर दुर्गादास नगर में स्थित है. पाली के निवासियों के साथ-साथ यहाँ से गुजरने वाले हर मुसाफिर और देसी जायके के शौकीनों के लिए ‘धनपत लॉज’ (धनराज लॉज) एक जाना-माना और पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है. यहां का असली जादू छिपा है इनकी राजस्थानी सब्जियों और बनाने के पारंपरिक अंदाज में, जहां खाने के बाद भारीपन नहीं बल्कि मां के हाथों के खाने जैसी तृप्ति महसूस होती है.

यहां मिलने वाली थाली में ग्राहकों को दो बड़ी और गरमा-गरम रोटियां परोसी जाती हैं. इसके साथ राजस्थानी स्वाद से भरपूर देसी गट्टे की सब्जी, मसालेदार भिंडी की सब्जी और गाढ़ी दाल दी जाती है. इस पूरी थाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सब कुछ शुद्ध देसी घी के साथ परोसा जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

इस लॉज की शुरुआत साल 1967 में हुई थी. पिछले लगभग 60 से 70 सालों से यह दुकान बिना अपना स्वाद और पहचान बदले लगातार सेवा दे रही है. सात दशक बीत जाने के बाद भी यहां खाने की गुणवत्ता, ताजगी और पारंपरिक मिठास में जरा सा भी बदलाव नहीं आया है.

महंगाई के इस दौर में जहां हर जगह खाने की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं धनपत लॉज का मकसद जेब काटना नहीं बल्कि दिल से भोजन कराना है. महज 100 रुपये में यहां भरपेट, शुद्ध और पौष्टिक खाना मिलता है. यही वजह है कि सालों बाद भी यहां खाने वालों का जमावड़ा कम नहीं होता.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Write A Comment