भारतीय क्रिकेट टीम करीब 9 साल बाद श्रीलंका की धरती पर टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी। अगस्त में होने वाली यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज सिर्फ एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC 2025-27 के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। शुभमन गिल की अगुआई में भारतीय टीम स्पिन की चुनौती का सामना करेगी, जबकि मेजबान श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
अगस्त में खेले जाएंगे दो टेस्ट
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 से 19 अगस्त तक गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में आयोजित होगा। यह दोनों मुकाबले WTC 2025-27 चक्र का हिस्सा होंगे, इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मैच के पॉइंट बेहद महत्वपूर्ण होंगे। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा पॉइंट्स टेबल में भारत 5वें और श्रीलंका छठे स्थान पर है। ऐसे में यह सीरीज दोनों टीमों के लिए फाइनल की दौड़ में बने रहने का सुनहरा मौका होगी। किसी भी टीम के लिए यहां हार भविष्य की राह मुश्किल बना सकती है, जबकि जीत से पॉइंट्स टेबल में बड़ा फायदा मिलेगा।
शुभमन गिल के सामने नई चुनौती
श्रीलंका में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया पहली टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी। गिल के नेतृत्व में भारत ने अब तक इंग्लैंड में 2-2 से सीरीज ड्रॉ की, घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को 2-0 से हराया, जबकि साउथ अफ्रीका में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से बाहर एकमात्र टेस्ट मैच भी खेला। हालांकि, श्रीलंका का दौरा अलग तरह की चुनौती लेकर आएगा। गॉल और कोलंबो की पिचें पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों की मददगार रही हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य की कड़ी परीक्षा होगी।
विराट कोहली के दौर के बाद नई टीम
भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का टेस्ट दौरा किया था। तब विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने श्रीलंका का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। उस सीरीज में भारत ने दो मुकाबले पारी के अंतर से जीतकर अपना दबदबा दिखाया था। उस टीम के अधिकांश खिलाड़ी अब टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। मौजूदा टीम में केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे कुछ ही खिलाड़ी उस दौरे का अनुभव रखते हैं। अब शुभमन गिल की अगुआई में नई पीढ़ी की भारतीय टीम उसी सफलता को दोहराने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। गौरतलब है कि भारत ने 2015 में भी श्रीलंका में 2-1 से टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी। भारत का श्रीलंका में विदेशी परिस्थितियों में शानदार रिकॉर्ड रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि दांव सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में मजबूती हासिल करने का भी है।
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