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Jhalmuri Business Story: रांची वेंडर मार्केट के कैलाश महतो झालमुरी बेचकर महीने में करीब 60000 कमा रहे हैं. उन्होंने इसे बेचकर अपने तीन बेटों को पढ़ाकर सेट किया. आज भी उनकी यूनिक रेसिपी से ग्राहक अपने आप चले आते हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.

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रांची: झारखंड की राजधानी रांची के वेंडर मार्केट में दुकान लगाने वाले कैलाश महतो बताते हैं कि महीने में आराम से 60000 से ऊपर तक की सेल हो जाती है. इसी से उन्होंने अपने तीनों बेटों को पढ़ाया है. एक झारखंड पुलिस में है, एक ने कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया और आज वह अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया है. वह अपना बिजनेस कर रहा है. आइये जानते हैं उसके बारे में.

आज उनके तीनों बच्चे अपनी लाइफ में सेट है. वह बच्चों के लिए बढ़िया मकान भी बनवा दिए हैं. वह भी अच्छी वीआईपी मोराबादी जैसा इलाके में अपनी जमीन लेकर बनवाए हैं. उन्होंने बताया कि हर दिन 150 पैकेट से अधिक ही बेच देते हैं. लोग नॉर्मली हमारे पास ₹20 का ही खाते हैं. मुस्कुराते हुए कहते हैं अब 10 वाला जमाना चला गया मैडम. आज अच्छा लगता है कि जिंदगी के सारी जिम्मेदारी निभा चुके हैं.

झालमुरी बनाने का स्टाइल भी है यूनिक

उन्होंने बताया कि वह झालमुरी में उबला हुआ आलू विशेष तौर पर डालते हैं. इसके अलावा जीरा पाउडर जिसको डीप फ्राई करके पीसा जाता है. जो दिखने में थोड़ा काला जैसा लगता है. उसका स्वाद काफी बढ़िया होता है और वह अधिक मसाले प्रयोग नहीं करते हैं. वह गिन के चार मसाले डालते हैं, पांचवा नहीं. क्योंकि जितना कम मसाला डालेंगे स्वाद उतना आएगा.

इसके अलावा वह अपने घर पर एक चटनी भी बनाते हैं.  जो कि मिर्च, धनिया, इमली और थोड़ा सा खजूर इन सभी को डालकर बढ़िया से मिक्स किया जाता है. दो-तीन मसाले के साथ यह मेरा स्पेशल चटनी है. इसीलिए बाकी जगह से उनका स्वाद अलग आता है. क्योंकि बाकी लोग ये वाला चटनी नहीं डालते और यही कारण है कि लोग मेरे पास आते हैं. कई बार तो लोग वेंडर मार्केट सिर्फ यही खाने आते हैं.

मन लगाकर किया गया काम नहीं होता छोटा

कैलाश बताते हैं कि अगर आप मन लगाकर अपना दिल दिमाग सब कुछ लगा कर कोई भी काम करते हैं तो वह कभी भी छोटा नहीं होता है. वह आपको अंदर से बहुत संतुष्टि पहुंचाता है और आपके जीवन की सारी कठिनाई और सारी चुनौती सहजता से पार हो जाती है. मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. भले कुछ लोग मजाक उड़ाते हैं, लेकिन आज जब तीनों बेटों को देखते हैं तो आज तारीफ करते हैं और कहते हैं आपको देखकर हिम्मत मिलता है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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