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Mutton Galawati Kebab Recipe : बलिया की ये दुकान सुर्खियों में है. कच्चे पपीते, मटन और 25 मसाले के साथ यहां देसी घी से तैयार होने वाले इस आइटम को एक बार चखने के बाद लोग दोबारा आने को मजबूर हैं. लखरानी रेस्टोरेंट के फाउंडर इं. दिव्यांशु गुप्ता लोकल 18 से कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट का नामकरण उन्होंने अपनी दादी के नाम पर किया है. मटन गलावटी कबाब उनकी दादी का पसंदीदा था. इसे बनाने के लिए 25 प्रकार के मसालों और कच्चे पपीते का प्रयोग किया जाता है.
बलिया. अगर आपको नॉनवेज खाने का शौक है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है. बलिया में इन दिनों नॉनवेज का एक आइटम खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इसे चखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. इसकी खासियत इसे एक अलग पहचान दे रही है. कच्चे पपीते, मटन और 25 मसाले के साथ देसी घी से तैयार होने वाले इस आइटम को एक बार चखने के बाद लोग दोबारा आने को मजबूर हो रहे हैं. इस आइटम को मटन गलावटी कबाब के नाम से जाना जा रहा है.
दादी का फेवरेट
लखरानी रेस्टोरेंट के फाउंडर इं. दिव्यांशु गुप्ता लोकल 18 से कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट का नामकरण उन्होंने अपनी दादी के नाम पर किया है. उनकी दादी को खाना खिलाना और व्यंजन बनाना बेहद पसंद था. उन्हीं के पसंदीदा व्यंजनों को लेकर नॉनवेज रेस्टोरेंट लखरानी नाम से शुरुआत की है. यहां मांसाहारी में अनेक आइटम हैं, लेकिन फिलहाल मटन गलावटी कबाब खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इसे खूब पसंद किया जा रहा है. यह आइटम उनकी दादी का पसंदीदा था.
दिव्यांशु बताते हैं कि इस कबाब को बनाने के लिए सबसे पहले मशीन से मटन का कीमा बनाया जाता है. उसके बाद 25 प्रकार के मसाले और कच्चे पपीते का प्रयोग किया जाता है और धीमी आंच पर देसी घी में इसे देर तक पकाया जाता है, जो की बहुत ही मुलायम बनकर तैयार होता है. इसको बुजुर्ग भी बड़े आसानी और चांव से खा रहे हैं और खूब पसंद किया भी जा रहा है. बलिया शहर में इस कबाब को खाने के लिए बहुत दूर-दूर से लोग आ रहे हैं.
जानिए लोकेशन
इस गलावटी कबाब की कीमत 140 रुपए में दो पीस है. अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो इसके लिए बलिया बलिया रेलवे स्टेशन लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्टेडियम/एसपी ऑफिस के सामने जमुना बेकरी के ठीक पास में लखरानी रेस्टोरेंट है, जहां पर यह मटन गलावटी कबाब खाने को मिल जाएगा.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें