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Satna News: बघेलखंडी स्टाइल का चुंदा (Aam Ka Chunda Recipe) अपनी खटास और मिठास के बैलेंस के लिए मशहूर है. इसमें कच्चे आम की ताजगी, गुड़ या चीनी की मिठास और मसालों की खुशबू मिलकर ऐसा स्वाद बनाती है, जो लाजवाब होता है.

सतना. गर्मी का मौसम आते ही आम हर घर की रसोई का हीरो बन जाता है लेकिन बघेलखंड में इसकी बात ही कुछ और है. यहां आम से बनने वाला खट्टा-मीठा चुंदा लोगों के दिलों में खास जगह रखता है. गांव की रसोई से लेकर शहर के किचन तक यह पारंपरिक डिश हर किसी की पसंद बनी हुई है. खास बात यह है कि इसे बनाना जितना आसान है, उतना ही इसका स्वाद लाजवाब होता है. बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई इसे पराठे या पूरी के साथ बड़े चाव से खाता है. लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी ने बताया कि यह चुंदा न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है बल्कि इसे लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है.

बघेलखंडी स्टाइल का चुंदा अपनी खटास और मिठास के बैलेंस के लिए जाना जाता है. इसमें कच्चे आम की ताजगी, चीनी या गुड़ की मिठास और मसालों की खुशबू मिलकर ऐसा स्वाद बनाती है, जो हर बार खाने का मन करवा दे. यही वजह है कि यह सिर्फ एक अचार या चटनी नहीं बल्कि गर्मियों की पहचान बन चुका है. इसके अलावा यहां के लोग इसे बड़े प्यार से बनाते हैं और सालभर इस्तेमाल करते हैं.

चुंदा बनाने की आसान रेसिपी
इस डिश की सबसे बड़ी खासियत है इसकी सिंपल तैयारी. सबसे पहले कड़क और ताजे कच्चे आम लें, अब इन्हें धोकर छील लें और फिर कद्दूकस कर लें. ध्यान रखें कि लच्छे थोड़े मोटे हों ताकि खाने में अच्छा टेक्सचर मिले. इसके बाद इन लच्छों में थोड़ा नमक और हल्दी मिलाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें, जिससे आम थोड़ा नरम हो जाए और पानी छोड़ दे. अब आम के बराबर मात्रा में चीनी या गुड़ मिलाएं और अच्छे से चलाएं, जब तक यह घुल न जाए. फिर इसे धीमी आंच पर पकाएं और बीच-बीच में चलाते रहें. जब चाशनी एक तार की हो जाए, तब गैस बंद कर दें. आखिर में कश्मीरी लाल मिर्च, भुना जीरा और इलायची पाउडर डालकर मिक्स करें और ठंडा होने पर कांच की बरनी में भर लें.

स्वाद के साथ लंबी स्टोरेज का फायदा
इस चुंदा की एक और खास बात यह है कि इसे सही तरीके से स्टोर किया जाए, तो यह एक साल तक खराब नहीं होता. बस ध्यान रखें कि इसे हमेशा साफ और सूखी कांच की बरनी में रखें और नमी से दूर रखें. बच्चे इसे टिफिन में देखकर खुश हो जाते हैं, वहीं बड़े भी इसे अपने खाने के साथ जोड़ना पसंद करते हैं.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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