Soft Ice Cream Tips: गर्मियों में ठंडी और मलाईदार आइसक्रीम खाने का मजा हर किसी को पसंद होता है. यही वजह है कि आजकल बहुत से लोग बाजार की बजाय घर पर आइसक्रीम बनाना पसंद करते हैं. घर की बनी आइसक्रीम में स्वाद के साथ-साथ शुद्धता का भरोसा भी होता है, लेकिन अक्सर एक समस्या लोगों को परेशान करती है. फ्रिज से निकालने के बाद आइसक्रीम इतनी सख्त हो जाती है कि उसे स्कूप से निकालना भी मुश्किल हो जाता है. कई बार उसमें छोटे-छोटे बर्फ के दाने जम जाते हैं, जिससे उसका स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं.
ऐसे में लोगों को लगता है कि शायद घर पर बाजार जैसी आइसक्रीम बनाना संभव नहीं है. जबकि सच यह है कि कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप भी बेहद सॉफ्ट, क्रीमी और पार्लर जैसी आइसक्रीम तैयार कर सकते हैं. ‘विनिता की रसोई’ के बताए गए आसान टिप्स इस काम को काफी आसान बना सकते हैं.
घर की आइसक्रीम पत्थर जैसी क्यों हो जाती है?
आइसक्रीम के सख्त होने की सबसे बड़ी वजह उसमें मौजूद पानी होता है. जब दूध या मिश्रण में पानी ज्यादा रहता है, तो फ्रीजर में जाने के बाद वह बर्फ में बदल जाता है. यही बर्फ बाद में बड़े क्रिस्टल्स का रूप ले लेती है, जिससे आइसक्रीम मुलायम रहने के बजाय कठोर और किरकिरी हो जाती है, अगर शुरुआत से ही सही सामग्री और सही तरीका अपनाया जाए, तो इस परेशानी से बचा जा सकता है.
फुल क्रीम दूध का करें इस्तेमाल
अगर आप सच में बाजार जैसी आइसक्रीम बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले दूध के चुनाव पर ध्यान दें. हमेशा फुल क्रीम दूध का उपयोग करें. इसमें फैट ज्यादा होता है और पानी कम होता है. ज्यादा फैट आइसक्रीम को स्मूथ और क्रीमी बनाता है. वहीं कम फैट वाला दूध इस्तेमाल करने पर बर्फ जमने की संभावना बढ़ जाती है.
मिल्क पाउडर या कंडेंस्ड मिल्क का कमाल
आइसक्रीम में बर्फ के क्रिस्टल्स बनने से रोकने के लिए दूध पकाते समय उसमें थोड़ा मिल्क पाउडर या कंडेंस्ड मिल्क मिलाया जा सकता है. ये दोनों चीजें मिश्रण को गाढ़ा बनाती हैं और अतिरिक्त नमी को कम करने में मदद करती हैं. नतीजा यह होता है कि आइसक्रीम का टेक्सचर ज्यादा मुलायम और रिच बनता है.
क्रीम की सही मात्रा बेहद जरूरी
बहुत से लोग दूध को गाढ़ा तो कर लेते हैं, लेकिन क्रीम की मात्रा पर ध्यान नहीं देते. यही गलती आइसक्रीम की क्वालिटी पर असर डालती है, अगर आपने एक लीटर दूध को पकाकर लगभग आधा लीटर कर लिया है, तो उसमें करीब 200 ग्राम फ्रेश क्रीम या व्हिप्ड क्रीम मिलानी चाहिए. इससे आइसक्रीम को वही मलाईदार एहसास मिलता है जो बाजार की प्रीमियम आइसक्रीम में देखने को मिलता है.
सही कंटेनर चुनना भी है जरूरी
आइसक्रीम को किस बर्तन में जमाया जा रहा है, यह भी बहुत मायने रखता है. खुले बर्तन या हल्के प्लास्टिक के डिब्बों में रखने से हवा अंदर पहुंच जाती है. इससे बर्फ के क्रिस्टल्स बनने लगते हैं. बेहतर होगा कि आप एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें. कंटेनर बंद करने से पहले मिश्रण के ऊपर बटर पेपर या प्लास्टिक रैप लगा दें ताकि हवा का संपर्क और कम हो जाए.
फ्रीजर का तापमान संतुलित रखें
कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा ठंडक से आइसक्रीम जल्दी और बेहतर जमेगी, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. बहुत ज्यादा ठंडक या क्विक फ्रीज मोड आइसक्रीम के अंदर मौजूद नमी को तेजी से बर्फ में बदल देता है. इससे टेक्सचर खराब हो सकता है. इसलिए आइसक्रीम को धीरे-धीरे जमने दें. इससे उसका स्वाद और बनावट दोनों बेहतर बने रहते हैं.
डबल लेयर ट्रिक से मिलेगी बाजार जैसी सॉफ्टनेस
अगर आप चाहते हैं कि आइसक्रीम लंबे समय तक सॉफ्ट बनी रहे, तो एक आसान घरेलू तरीका अपनाएं. आइसक्रीम वाले एयरटाइट डिब्बे को एक बड़े जिप लॉक बैग या मोटी प्लास्टिक थैली में रखकर अच्छी तरह सील कर दें. इससे फ्रीजर की सूखी हवा सीधे कंटेनर तक नहीं पहुंचती और आइसक्रीम ज्यादा समय तक मुलायम बनी रहती है.
आइसक्रीम बनाते समय इन गलतियों से बचें
कम फैट वाले दूध का इस्तेमाल न करें. मिश्रण को बहुत पतला न रखें. खुले बर्तन में आइसक्रीम न जमाएं. बार-बार फ्रीजर खोलने से बचें. क्विक फ्रीज मोड का जरूरत से ज्यादा उपयोग न करें. तैयार आइसक्रीम को लंबे समय तक खुला न छोड़ें. घर पर बनी आइसक्रीम का स्वाद तभी दोगुना हो जाता है जब उसका टेक्सचर भी बाजार जैसा क्रीमी और मुलायम हो. इसके लिए किसी महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही दूध, सही मात्रा में क्रीम, एयरटाइट कंटेनर और संतुलित फ्रीजिंग तकनीक ही काफी होती है. इन आसान टिप्स को अपनाकर आप हर बार ऐसी आइसक्रीम बना सकते हैं जिसे देखकर कोई भी यह नहीं कह पाएगा कि यह घर पर तैयार की गई है.