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Bajre Ki Raab: राजस्थान की बाजरे की राब बाजरे के आटे और छाछ से बनने वाली पारंपरिक देसी डिश है. सादगी, स्वाद और स्थानीय अनाज से जुड़ी यह recipe आज traditional food और millet recipes पसंद करने वालों के बीच फिर लोकप्रिय हो रही है.

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राजस्थान की मशहूर बाजरे की राब, जानिए कैसे बनती है ये पारंपरिक देसी रेसिपीZoom

राजस्थान की मशहूर बाजरे की राब कैसे बनती है? जानिए पारंपरिक देसी रेसिपी (Image-AI generated)

Bajre Ki Raab: राजस्थान के गांवों में खाने-पीने की परंपरा सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि मौसम, स्थानीय अनाज और पीढ़ियों के अनुभव से भी जुड़ी रही है. ऐसी ही एक देसी चीज है बाजरे की राब, जिसे कई इलाकों में राबड़ी भी कहा जाता है. मिट्टी के चूल्हे पर पकते बाजरे की खुशबू और उसमें मिलती छाछ का स्वाद आज भी गांवों की रसोई की पहचान माना जाता है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी महंगी सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.

बाजरे का आटा, छाछ, मसाले और थोड़ा धैर्य बस इतनी सी चीजों से तैयार हो जाती है स्वादिष्ट राब. बदलते दौर में जब लोग traditional food और millets की ओर दोबारा लौट रहे हैं, तब राजस्थान की यह पुरानी recipe भी नए अंदाज में लोगों की थाली तक पहुंच रही है.

क्या है राजस्थान की बाजरे की राब?

बाजरे की राब मूल रूप से बाजरे के आटे और छाछ से तैयार होने वाला पारंपरिक देसी व्यंजन है. राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग मिल सकता है. कहीं इसमें छाछ की मात्रा ज्यादा रखी जाती है तो कहीं इसे गाढ़ा बनाकर खाया जाता है. गांवों में इसे खासकर मौसम के हिसाब से बनाया जाता रहा है. इसका स्वाद हल्का खट्टा, देसी और बेहद संतोषजनक होता है. यही वजह है कि साधारण सामग्री से बनने के बावजूद राब को पारंपरिक राजस्थानी खान-पान में खास जगह मिली हुई है.

ऐसे बनती है बाजरे की राब

कम सामग्री, देसी स्वाद

इसे बनाने के लिए सबसे पहले बाजरे के आटे को छाछ के साथ अच्छी तरह घोला जाता है ताकि उसमें गांठें न रहें. इसके बाद इस मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाया जाता है. पकने के दौरान मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है. स्वाद के लिए इसमें नमक, अजवाइन या जीरा जैसे मसाले डाले जा सकते हैं. कुछ घरों में स्वाद के अनुसार दूसरी स्थानीय सामग्री भी इस्तेमाल की जाती है. अच्छी राब की खासियत यही है कि इसमें मसालों का स्वाद बाजरे और छाछ के देसी स्वाद पर हावी नहीं होता.

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गांव से शहर तक पहुंचा Traditional Food

आज मिलेट्स को लेकर बढ़ती दिलचस्पी ने बाजरे जैसे पारंपरिक अनाज को फिर से चर्चा में ला दिया है. शहरों में जहां लोग millet recipes और traditional food को अपनी डाइट में शामिल करने के नए तरीके तलाश रहे हैं, वहीं राजस्थान की राब जैसी पुरानी recipes भी सोशल मीडिया पर जगह बना रही हैं. कई लोगों के लिए यह सिर्फ एक recipe नहीं, बल्कि बचपन और गांव की रसोई से जुड़ी याद है. पहले जिस राब को दादी या मां सहजता से बनाती थीं, वही आज नए किचन में एक traditional millet recipe के रूप में दिखाई दे रही है.

राब को खास बनाता है इसका देसी अंदाज

बाजरे की राब की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है. न लंबी तैयारी, न ढेरों मसाले और न ही किसी खास उपकरण की जरूरत. मिट्टी के चूल्हे से लेकर आधुनिक गैस स्टोव तक, इसका स्वाद अपनी पहचान बनाए रखता है. राजस्थान की यह देसी रेसिपी याद दिलाती है कि कई बार स्वादिष्ट खाना बनाने के लिए बहुत ज्यादा चीजों की नहीं, बल्कि सही सामग्री और पारंपरिक तरीके की जरूरत होती है. बाजरे की राब इसी सादगी की एक स्वादिष्ट मिसाल है.

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Keerti Rajpoot

कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…

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