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Bharatpur Famous Machhar Pakodas: बरसात में चाय-पकोड़ों का स्वाद तो हर जगह मिलता है, लेकिन भरतपुर के बयाना में पकोड़े अपने नाम की वजह से चर्चा में रहते हैं. यहां ‘मच्छर के पकोड़े’ लोगों के बीच खास पहचान बना चुके हैं. नाम सुनकर भले ही अजीब लगे, लेकिन इन पकोड़ों में मच्छर नहीं बल्कि सामान्य बेसन, प्याज, आलू और हरी मिर्च का इस्तेमाल होता है. दरअसल, पकोड़े बनाने वाले व्यक्ति का नाम मच्छर है और इसी वजह से इनके पकोड़ों का नाम भी मच्छर के पकोड़े पड़ गया. बारिश शुरू होते ही इनकी बिक्री बढ़ जाती है. गरमा-गरम और कुरकुरे पकोड़ों का स्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं. करीब 300 रुपए किलो कीमत वाले ये पकोड़े बयाना के बरसाती स्वाद का खास हिस्सा बन चुके हैं.
बरसात का मौसम आते ही भरतपुर में कई तरह के खास पकवान लोगों की पसंद बन जाते हैं. लेकिन यहां एक ऐसे पकोड़े भी मिलते हैं, जिनका नाम सुनते ही ज्यादातर लोग हैरान रह जाते हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं भरतपुर के बयाना में मिलने वाले मशहूर मच्छर के पकोड़े की. नाम सुनकर भले ही आपको कुछ अजीब लगे लेकिन इन पकोड़ों की खासियत यह है कि इनमें किसी तरह के मच्छर का इस्तेमाल नहीं होता बल्कि इनका नाम उस व्यक्ति के नाम पर पड़ा है, जो इन्हें बनाता है. बरसात के दिनों में इन पकोड़ों की मांग अचानक बढ़ जाती है.
बयाना में बनाए जाने वाले इन पकोड़ों का नाम इनके बनाने वाले व्यक्ति मच्छर के नाम पर पड़ा है. यही वजह है कि लोग इन्हें प्यार से मच्छर के पकोड़े कहते हैं. नाम सुनकर पहली बार में लोग जरूर चौंकते हैं और कई बार मजाक भी करते हैं. लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि ये सामान्य बेसन के पकोड़े हैं तो उनकी उत्सुकता और बढ़ जाती है. खास बात यह है कि बरसात के मौसम में इनका स्वाद लेने के लिए आसपास के लोग भी यहां पहुंचते हैं.
बात करें इन खास पकोड़ों को बनाने की तो इन्हें बेसन, प्याज, आलू और हरी मिर्च जैसी सामग्री के साथ तैयार किया जाता है. मसालों का खास मिश्रण डालकर इन्हें गरम तेल में कुरकुरा होने तक तला जाता है. बारिश की बूंदों के बीच गरमा-गरम और कुरकुरे पकोड़ों का स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. यही वजह है कि बरसात के मौसम में इनकी मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है. इन पकोड़ों का स्वाद लेने वालों की भी यहां अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है.
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इन पकोड़ों की एक और खास बात इनकी कीमत है. मच्छर के पकोड़ों की कीमत करीब 300 रुपये प्रति किलो रहती है. कीमत सुनकर कुछ लोगों को यह ज्यादा लग सकती है. लेकिन इनका स्वाद चखने के बाद कई ग्राहक इन्हें दोबारा खरीदने पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक पकोड़ा नहीं बल्कि बरसात के मौसम से जुड़ा हुआ खास स्वाद बन चुका है.
अगली बार अगर आप भरतपुर के बयाना इलाके में बरसात के मौसम में पहुंचें और कहीं मच्छर के पकोड़े का नाम सुनाई दे तो नाम से घबराने की जरूरत नहीं है. यहां मच्छर नहीं बल्कि मच्छर नाम के व्यक्ति के बनाए हुए स्वादिष्ट पकोड़े मिलते हैं. बेसन, प्याज, आलू और मिर्च से तैयार ये गरमा-गरम पकोड़े अपने अनोखे नाम और लाजवाब स्वाद की वजह से लोगों के बीच खास पहचान बना चुके हैं. यही अजब-गजब नाम और स्वाद इन्हें भरतपुर के बरसाती मौसम का एक दिलचस्प बनाता है.