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Tere Ishk Mein Movie Review: पहले टीजर और फिर ट्रेलर रिलीज होने के बाद, मुझे ‘तेरे इश्क में’ से बहुत उम्मीदें थीं, उम्मीद थी कि यह 2013 की फिल्म ‘रांझणा’ की तरह कुछ अलग पेश करेगी, लेकिन यह मेरी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. अगर आप यह फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो जान लीजिए कैसी है ‘तेरे इश्क में’ की कहानी…

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धनुष-कृति सेनन स्टारर ‘तेरे इश्क में’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है.

तेरे इश्क में 2

28 नवंबर 2025|हिंदी167 मिनट|म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा

Starring: धनुष, कृति सैनॉन, सुषील दहिया, माहिर मोहिउद्दीन, प्रकाश राज और अन्यDirector: आनंद एल रायMusic: एआर रहमान

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धनुष एक शानदार एक्टर हैं, लेकिन आनंद एल राय ‘तेरे इश्क में’ में उनके टैलेंट का पूरा फायदा नहीं उठा पाए. सच कहूं तो मुझे इस बार ‘रांझणा’ जैसी फिल्म बनाने वाले आनंद एल राय से बहुत उम्मीदें थीं. मुझे लगा था कि कुछ अलग देखने को मिलेगा. मैं टीजर और ट्रेलर के बाद से ही इस फिल्म का इंतजार कर रहा था, लेकिन जैसे ही फिल्म शुरू हुई, मुझे ‘तेरे इश्क में’ की कहानी समझ आ गई. तो, चलिए आपको बताते हैं कि फिल्म कैसी है…

फिल्म का पहला हाफ बहुत बोरिंग है. कई बार तो आपको अपनी सीट से उठने का मन करेगा. कहानी धीमी होने के साथ-साथ काफी कमजोर भी लगती है. शुरू से आखिर तक सिर्फ रोने-धोना है, लेकिन धनुष-कृति सेनन की यह फिल्म आपको जरा भी रुलाएगी नहीं, इसलिए रूमाल साथ लाने की कोई जरूरत नहीं है. हालांकि, जैसे ही इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी रफ्तार पकड़ती दिखती है, यह अपने पुराने ट्रैक पर लौटने लगती है. क्लाइमैक्स भी फिल्म को डूबने से बचाने के लिए काफी दमदार नहीं है. कहानी में कोई समझने लायक प्लॉट या एंडिंग नहीं है. कुछ भी नयापन नहीं है, जिस ओरिजिनल कंटेंट की हम अक्सर बात करते हैं, वह फिल्म से गायब है.

फिल्म में धनुष एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट शंकर, कृति सनोन ‘मुक्ति’ और प्रकाश राज ‘शंकर’ के पिता के किरदार में हैं. शंकर दिल्ली के एक कॉलेज में स्टूडेंट लीडर है, जो मारपीट पर उतारू रहता है. इस बीच, उसी कॉलेज की एक लड़की मुक्ति उसे सुधारने की कोशिश करती है. शंकर को मुक्ति से प्यार हो जाता है, लेकिन मुक्ति कभी उससे प्यार नहीं करती. शंकर इस एकतरफा प्यार में फंस जाता है, भले ही मुक्ति उसे बार-बार समझाती है कि वह उससे प्यार नहीं कर सकती. मुक्ति के पिता, जो एक IAS ऑफिसर हैं, एक बार शंकर को बहुत डांटते हैं और कहते हैं कि अगर वह मुक्ति से शादी करना चाहता है, तो उसे बस UPSC प्रीलिम्स पास करना होगा. इसके बाद शंकर बहुत मेहनत करता है. तीन साल बाद, जब वह प्रीलिम्स पास करके मुक्ति के घर लौटता है, तो पाता है कि उसकी शादी किसी और से होने वाली है. अब इसके बाद शंकर क्या कदम उठाएगा? क्या शंकर और मुक्ति कभी साथ हो पाएंगे? इन सवालों के जवाब आपको पूरी फिल्म देखने के बाद मिलेंगे.

अब अगर एक्टिंग की बात की जाए तो धनुष की एक्टिंग में कोई कमी नजर नहीं आती, जबकि कृति सेनन ने भी अपना बेस्ट दिया है. समस्या सिर्फ फिल्म की कहानी में है. अगर मेकर्स इस फइल्म के क्लाइमैक्स में भी थोड़ा मेहनत करते तो शायद इसे बचाया जा सकता था, लेकिन शुरू से लेकर अंत तक फिल्म की कहानी बहुत कमजोर है. न ही फिल्म के गाने ऐसे हैं जिसे हम बहुत अच्छा कह सकते हैं. एआर रहमान ने साउथ के तर्ज पर संगीत तैयार किया है, जो हिंदी बेस्ट के लोगों को शायद ही पसंद आए. अगर हम इस फिल्म को ‘रांझणा’ से तुलना करें तो इसमें काफी कमियां दिखाई देती है. ‘रांझणा’ एक कंप्लीट फुल एंटरटेनमेंट पैक थी, जहां कॉमेडी से लेकर इमोशन और एक त्रिकोणीय प्रेम कहानी थी.. वहीं ‘तेरे इश्क में’ बहुत कुछ अधूरा-अधूरा सा लगता है. कुल मिलाकर देखा जाए तो आप इस फिल्म को अपने रिस्क पर देख सकते हैं. मेरी ओर से फिल्म को 5 में से 2 स्टार.

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Pratik Shekhar

Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें



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