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सुबह 9 से शाम 6 तक भीड़ ही भीड़! लखीमपुर का ये स्टॉल क्यों है फेमस, जानिए वजह

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क्या आपने कभी ऐसा लिट्टी चोखा खाया है जिसके स्वाद के लिए लोग 20 सालों से लगातार कतार में खड़े होते आ रहे हों? लखीमपुर खीरी के लोहिया भवन के पास एक ऐसा ही मशहूर स्टॉल है, जहां देसी अंदाज में तैयार लिट्टी चोखा का स्वाद लोगों को दीवाना बना देता है. सुबह से शाम तक चलने वाले इस स्टॉल पर हर दिन सैकड़ों लोग सिर्फ स्वाद के लिए पहुंचते हैं.

लिट्टी चोखा बड़े चाव से खाया जाता है बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी लिट्टी चोखा के दीवाने रहते हैं. अगर आप भी लखीमपुर खीरी में स्वादिष्ट लिट्टी चोखा का आनंद लेना चाहते हैं. तो आज हम फेमस लिट्टी चोखा के स्टॉल के बारे में बताने जा रहे हैं जो करीब 20 साल से भी ज्यादा समय से लखीमपुर शहर के लोहिया भवन के पास खास तरीके से लिट्टी को बनाते हैं.

कचहरी परिसर में आने वाले लोगों के साथ-साथ शहर के भी लोग इनकी लिट्टी चोखा को खाना बेहद पसंद करते हैं. लिट्टी विक्रेता पप्पू ने बातचीत करते हुए बताया कि लिट्टी बनाने की प्रक्रिया बेहद खास होती है. सबसे पहले बेसन, गेहूं के आटे के साथ-साथ सत्तू को मिलाकर लिट्टी बनाने के लिए आटा तैयार किया जाता है.

खास तरीके से चोखा को तैयार किया जाता है. सबसे पहले बैंगन, आलू-टमाटर, हरी मिर्च, हरी धनिया, जीरा पाउडर और विभिन्न प्रकार के मसालों को मिलाकर खास तरीके से चोखा तैयार किया जाता है. इस लिट्टी चोखा के दीवाने काफी दूर-दूर से सिर्फ इसके स्वाद के लिए ही आते हैं.

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उसके बाद लिट्टी को आग पर पकाया जाता है. लिट्टी चोखा विक्रेता पप्पू ने बताया कि पिछले 20 साल से वह लगातार गोबर के उपलों से आग तैयार करते हैं. फिर उसी में लिट्टी को पकाया जाता है, जिससे यह खास तरीके से अच्छे से पक जाती है. इसके बाद ग्राहकों को देसी घी के साथ लिट्टी चोखा परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. 

लिट्टी विक्रेता पप्पू ने बताया कि शुरुआत में 10 रुपए में दो लिट्टी और चोखा मिलता था, लेकिन बदलते समय और महंगाई के कारण अब यह 30 रुपए की प्लेट हो गई है. इस प्लेट में दो लिट्टी के साथ चोखा, आचार और सलाद भी दिया जाता है. 

स्वाद के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता है, और यही वजह है कि काफी दूर-दूर से लोग लिट्टी चोखा का स्वाद लेने के लिए आते हैं. यहां हर समय लोगों की भीड़ लगी रहती है. हर दिन लगभग 150 से 200 लिट्टी की खपत हो जाती है. यह स्टॉल सुबह 9 बजे से लेकर शाम करीब 6 बजे तक खुला रहता है.



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