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Baghelkhandi Aloo Paratha Recipe: बघेलखंड के खानपान में मसालों का संतुलन और देसी तड़का सबसे खास माना जाता है. लोहे के तवे पर धीमी आंच पर सिकने वाला यह आलू पराठा न सिर्फ पचने में हल्का होता है बल्कि बिना मैदा इस्तेमाल किए भी कुलचे जैसा खस्तापन देता है. सुबह की चाय या सफर के खाने के लिए सबसे बेस्ट ये भरवां पराठा ही होता है.
Baghelkhandi Aloo Paratha: सुबह के नाश्ते में अगर गरमा-गरम पराठा मिल जाए तो पूरा दिन बन जाता है. वैसे तो पंजाब का मशहूर आलू कुलचा और आम आलू पराठा हर किसी का पसंदीदा होता है, लेकिन अगर आप एक ही तरह का स्वाद खाकर बोर हो चुके हैं तो अब आपको बघेलखंड के पारंपरिक स्वाद का रुख करना चाहिए. बघेलखंडी अंदाज में तैयार किया गया यह खस्ता और चटपटा आलू पराठा ऐसा जायका देता है कि इसे खाने के बाद लोग कुलचे का स्वाद भी भूल जाते हैं. लोहे के तवे पर सिकते ही इसकी सोंधी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है और भूख को दोगुना कर देती है. अगर आप भी अपने नाश्ते में कुछ एकदम देसी और मसालेदार ट्विस्ट जोड़ना चाहते हैं तो यह खास रेसिपी आपके लिए ही है.
बघेलखंडी आलू पराठे की खासियत और पारंपरिक तड़का
बघेलखंड की रसोई में बनने वाले इस आलू पराठे का असली राज इसके खास मसाले और पकाने के पारंपरिक तरीके में छिपा है. आम पराठों से हटकर इसमें उबले हुए आलू के साथ भुने हुए खड़े मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. स्थानीय निवासी उर्मिला मिश्रा ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि इस पराठे को अनोखा स्वाद उसमें मिलने वाला थोड़ा सा शुद्ध सरसों का तेल देता है. जब सरसों के तेल का तड़का अदरक, हरी मिर्च और मसालों के साथ आलू में मिलता है तो पराठे में एक बहुत ही सोंधा और तीखा-चटपटा फ्लेवर आ जाता है. लोहे के तवे पर धीमी आंच पर सिकने की वजह से यह बाहर से बेहद कुरकुरा और अंदर से एकदम सॉफ्ट बनता है.
जानिए इसे बनाने का आसान तरीका
इसे बनाने की शुरुआत आलू का चटपटा मसाला तैयार करने से होती है. सबसे पहले उबले हुए आलू को अच्छे से मैश कर लिया जाता है. इसके बाद इसमें बारीक कटा प्याज, तीखी हरी मिर्च, ढेर सारा हरा धनिया, कद्दूकस किया हुआ लहसुन-अदरक, स्वाद अनुसार लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, खटास के लिए थोड़ा सा अमचूर और नमक मिलाया जाता है. स्वाद और डाइजेस्टिव सिस्टम बढ़ाने के लिए इसमें चुटकीभर अजवाइन, भुना हुआ जीरा और थोड़ा सा सरसों का तेल डालना बेहद जरूरी है. मसाला तैयार होने के बाद गेहूं के नरम गूंथे हुए आटे की लोई बनाकर उसमें यह मसालेदार आलू का मिश्रण अच्छे से भरा जाता है. फिर इसे हल्के हाथों से बेलकर लोहे के गर्म तवे पर डाला जाता है. देसी घी या मक्खन लगाकर इसे दोनों तरफ से तब तक सेका जाता है जब तक कि यह एकदम सुनहरा और करारा न हो जाए.
किसके साथ परोसें यह देसी जायका?
बघेलखंड में इस गरमा-गरम पराठे को परोसने का अंदाज भी बहुत खास और पूरी तरह से देसी है. इसे आमतौर पर ताजे घर के बने सफेद मक्खन, गाढ़े दही, तीखी हरी धनिया-पुदीने की चटनी या फिर चटपटे आम के अचार के साथ थाली में सजाया जाता है. मक्खन की नरमी और अचार-चटनी का चटपटापन इस पराठे के जायके को कई गुना बढ़ा देता है. अगर आप भी वीकेंड या किसी खास दिन अपने परिवार को कुछ नया और स्वादिष्ट खिलाना चाहते हैं तो यह बघेलखंडी आलू पराठा एक बार जरूर ट्राई करें.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…
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