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Criminal Justice A Family Matter Review: क्रिमिनल जस्टिस का चौथा सीजन JioCinema पर लौटा है. हाई-सोसायटी मर्डर केस में पति, पत्नी और परिवार शक के घेरे में हैं. पंकज त्रिपाठी और सुरवीन चावला का अभिनय शानदार है. तीन एपिसोड वाली इस सीरीज को इस वीकेंड देखना का प्लान कर रहे हैं, तो जान लीजिए कैसी है सीरीज
क्राइम-कोर्टरूम सीरीज के तीन एपिसोड स्ट्रीम हो गए हैं.
क्रिमिनल जस्टिस: ए फैमिली मैटर 3.5
Starring: पंकज त्रिपाठी, मोहम्मद जीशान अय्यूब, सुरवीन चावला, खुशी भारद्वाज, आशा नेगी व अन्य.Director: रोहन सिप्पीMusic:
Criminal Justice A Family Matter Review: JioCinema की चर्चित क्राइम-कोर्टरूम सीरीज Criminal Justice का चौथा सीजन लौट आया है. इस बार केस एक हाई-सोसायटी मर्डर का है और शक की सुई घूम रही है. पति, पत्नी और परिवार के बीच.
कहानी की शुरुआत होती है मुंबई के एक लग्जरी फ्लैट से, जहां एक नर्स रोशनी (आशा नेगी) की खून से सनी लाश मिलती है. पास में खड़ा है डॉक्टर राज नागपाल (मोहम्मद जीशान अयूब), जो सदमे में लगता है. कॉल पुलिस को की है उसकी अलग रह रही पत्नी अंजू (सुरवीन चावला) ने. वहीं मौजूद हैं उनकी बेटी इरा (खुशी भारद्वाज), जिसे Aspergers है, और राज की मां गुरमीत (सोहेला कपूर).
क्या ये प्यार में धोखा था या कोई पुरानी दुश्मनी?
तीन एपिसोड्स में केस की गुत्थी सुलझती नहीं, उलझती जाती है. कहानी में पंकज त्रिपाठी की एंट्री होती है. अपने चिर-परिचित अंदाज में वकील माधव मिश्रा के रूप में. इस बार भी उनके तर्क, देसी जुगाड़ और ईमानदारी से केस की दिशा बदलती दिखती है. लेकिन कई सीन खिंचे हुए लगते हैं और रफ्तार थोड़ी धीमी है. जहां जीशान अयूब थोड़े बेअसर लगते हैं, वहीं सुरवीन चावला ने अपने रोल में जान डाल दी है. एक मां की बेचैनी, एक पत्नी का गुस्सा और अपने फैसलों का पछतावा, सब कुछ उनके चेहरे पर साफ दिखता है.
किसका रोल बेहतर?
पंकज त्रिपाठी हमेशा की तरह अपने देसी स्टाइल और ईमानदारी से दिल जीतते हैं, लेकिन इस बार असली चौंकाने वाला प्रदर्शन सुरवीन चावला का है. एक मां, एक पत्नी और एक दोषी आत्मा के संघर्ष को उन्होंने बखूबी निभाया है.
क्यों फीकी पड़ी सीरीज?
तीन एपिसोड्स में केस की नींव रखी जाती है, लेकिन कहानी धीरे चलती है. कई सीन खिंचे हुए लगते हैं. दर्शकों का ध्यान भटकने लगता है, खासकर तब जब माधव मिश्रा (पंकज त्रिपाठी) की एंट्री देर से होती है.
शॉर्टकट में पूरी बात
सीरीज में एक मर्डर केस की परतें धीरे-धीरे खुलती हैं. डॉक्टर, उसकी पत्नी, बेटी और मां, सब शक के घेरे में हैं. पहले तीन एपिसोड्स में कहानी धीमी है, लेकिन इमोशनल एंगल असरदार है. पंकज त्रिपाठी अपने पुराने रंग में हैं, मगर इस बार सुरवीन चावला ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया. कुछ सीन खिंचे हुए लगते हैं, जिससे शो की पकड़ थोड़ी ढीली पड़ती है.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें