रांची: झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच JSSC JE पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। SIT ने परीक्षा संचालन एजेंसी के डायरेक्टर अरुण कुमार को गिरफ्तार किया है। अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। अरुण कुमार Bynsis Technology Pvt. Ltd. का डायरेक्टर है। Bynsis कंपनी दिल्ली के पते पर रजिस्टर है। ये एजेंसी 2022 में JSSC जूनियर इंजीनियर एग्जाम से जुड़ी थी। बता दें कि 3 जुलाई 2022 को हुई इस परीक्षा में पेपर लीक हो गया था। परीक्षा से पहले ही आंसर सीट वायरल हो गई थी। पेपर लीक होने के बाद JSSC ने परीक्षा रद्द कर दी थी। जांच में एग्जाम कराने वाली Bynsis Technology एजेंसी के पेपर लीक में शामिल होने के सबूत मिले थे। पटना में बकायदा अभ्यर्थियों को सवाल और जवाब रटवाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में पहले ही 5 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
एजेंसी का डायरेक्टर अरुण कुमार गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) जूनियर इंजीनियर पेपर लीक मामले में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के एक फरार ऑपरेटर-सह-निदेशक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी परीक्षा रद्द होने के चार साल बाद हुई है। आरोपी की पहचान बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले अरुण कुमार के तौर पर हुई है। अरुण कुमार को 10 अगस्त को मुंबई में गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, “JSSC 2022 परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में दिल्ली की परीक्षा एजेंसी ‘बिन्सिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ के मैनेजर कृष्ण कुमार और पूर्व उम्मीदवार रंजीत मंडल, दीपक कुमार, अभिषेक कुमार और दीपक श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी के फरार डायरेक्टर-कम-मैनेजर अरुण कुमार को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।”
2022 में रद्द की गई थी परीक्षा
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने 3 जुलाई 2022 को जूनियर इंजीनियर (डिप्लोमा) के 2,279 पदों के लिए एक प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के दिन ही आंसर-की वायरल हो गई और परीक्षा की पहली शिफ्ट शुरू होने से पहले ही पेपर लीक होने की बात सामने आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए JSSC ने परीक्षा रद्द कर दी। उम्मीदवार मिथिलेश कुमार महतो की लिखित शिकायत के आधार पर, 14 जुलाई 2022 को नामकुम पुलिस स्टेशन में IPC की धाराओं 420, 467, 468 और 120(B), IT एक्ट की धारा 66 और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धारा 10 के तहत FIR दर्ज की गई। विस्तृत और प्रभावी जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया।
जांच के दौरान पेपर लीक की पुष्टि हुई। पता चला कि परीक्षा नई दिल्ली स्थित परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी ‘बाइनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ (Bynsis Technology Pvt Ltd) द्वारा आयोजित की गई थी। पेपर-लीक सिंडिकेट में परीक्षा एजेंसी और उसके ऑपरेटर की कथित संलिप्तता के सबूत भी सामने आए, जिसके जरिए पटना में उम्मीदवारों को कथित तौर पर सवाल और जवाब याद कराए गए थे।
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