स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र के नाम संबोधन कर रही हैं। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के भारत में हर कोई सपने देख सकता है और आगे बढ़ सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया में युद्ध के कारण संकट है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

सिंधु जल समझौता रद्द होने को राष्ट्र हित में बताया

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को याद करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सटीक हमले करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया। वहीं, सिंधु जल समझौते पर राष्ट्रपति बोलीं, ‘आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। खासकर किसानों के लिए यह एक निर्णायक कदम है।’

राष्ट्रपति ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं।

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