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Mistry Season 1 Review : की नई वेब सीरीज ‘मिस्त्री’ में राम कपूर एक बार फिर अपने दमदार रोल से फैंस का दिल जीत रहे हैं. सीरीज हिट अमेरिकन शो ‘Monk’ का हिंदी रीमेक है. राम कपूर ने इसमें पुलिस ऑफिसर अरमान मिस्त्री का किरदार निभाया है. उनकी टीम की लीड हैं मोना सिंह जो ACP सहमत सिद्दीकी के रोल में उन्होंने भी जान फूंक दी है.
आपका दिल बना देगी ये सीरीज
मिस्त्री 3
Starring: राम कपूर, मोना सिंह, शिखा तल्सानियाDirector: ऋषभ सेठMusic:
नई दिल्ली. राम कपूर अपनी इस सीरीज को लेकर काफी समय से विवाद में थे. लेकिन सीरीज के रिलीज होते ही उन्होंने फैंस का दिल जीत लिया. कभी उनकी जबरदस्त बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन से सुर्खियां बटोरने वाले राम पिछले कुछ दिनों से अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन इन सबसे हटकर अगर बात सिर्फ उनके काम की हो, तो वो इसमें हमेशा टॉप क्लास नजर आते हैं.‘मिस्त्री’ में भी वो यही साबित करते हैं.
क्या हो अगर कोई जासूस किसी से हाथ मिलाते ही हाथ धोने लगे. क्रिमिनल का दरवाजा पुलिस वाले लात मारकर तोड़ दें.ऐसे ही जासूस का किरदार निभाया ने अरमान मिस्त्री की कहानी है मिस्त्री, एक ऐसा जासूस जिसे OCD है,जो गंदगी देखते ही परेशान हो जाता है. ये सीरीज अमेरिकन शो मॉन्क का adaptation है, जियो हॉटस्टार पर इस सीरीज के 8 एपिसोड आ गए हैं. हर एपिसोड 30 से 35 मिनट का है, ये सीरीज आपका अच्छा टाइप पास करती है.
क्राइम के बीच उलझा मिस्त्री का किरदार
अरमान मिस्त्री के पास क्राइम सीन को देखकर गुनहगार को सूंघ लेने जैसी खूबी है. उनका OCD कई बार उन्हें समाज से काट देता है, लेकिन केस सुलझाने में वही बीमारी उनकी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है. मिस्ट्री की दुनिया उनकी पत्नी की बम ब्लास्ट में मौत के बाद और भी उलझ चुकी है. उसकी जिंदगी अब सिर्फ क्राइम सुलझाने और हर चीज को परफेक्ट बनाए रखने तक सिमट चुकी है. मिस्त्री की टीम में उनकी सेक्रेट्री बनी शिखा तलसानिया भी हैं जो शुरू में सिर्फ उन्हें शांत करती दिखती हैं लेकिन धीरे-धीरे उनका किरदार भी गहराई से उभर कर सामने आता है.
मिस्त्री के किरदार में राम कपूर ने फूंक दी जान
राम कपूर की हर एंट्री के साथ स्क्रीन पर एक बेचैनी महसूस होती है कि आखिर अब आगे क्या होगा. वो दुनिया की गड़बड़ियों से परेशान रहते हैं. कभी खिड़की की ब्लाइंड सीधी नहीं है तो कभी उन्हें गैस लीक की टेंशन होती है, भले ही सामने कोई लाश पड़ी हो. उनकी परफेक्शन की यह तड़प हर सीन में दिखती है और राम इसे बड़ी सहजता से निभाते हैं. मिस्त्री का घर, जहां सब कुछ एकदम बराबर दूरी पर टंगा होता है, उनके किरदार की गहराई को बखूबी दर्शाता है. वहीं दूसरी तरफ ACP के रोल में मोना सिंह भी पूरी तरह अपने किरदार के साथ न्याय करती हुई नजर आ रही हैं. एक मजबूत महिला पुलिस ऑफिसर के रूप में उन्होंने इस रोल को सिर्फ यूनिफॉर्म तक सीमित नहीं रखा बल्कि किरदार को यादगार बना दिया.
डायरेक्शन भी है कमाल
बात अगर फिल्म के डायरेक्शन की करें तो ऋषभ सेठ ने इस क्राइम-कॉमेडी को बहुत सलीके से पेश किया है. एक सीन में जब मिस्त्री एक डबल मर्डर केस पर मीटिंग में होता है, वह व्हाइटबोर्ड पर लगे रंग-बिरंगे पिन्स को OCD की वजह से फिर से क्रम से लगाने लगता है. सबको लगता है ये क्या बेतुकी हरकत है, लेकिन अगले ही पल जब सभी पिन्स गिर जाती हैं, तो मिस्ट्री उन्हें उनकी सही लोकेशन पर लगा देता है, वो भी बिना किसी गड़बड़ी के. तभी सब समझते हैं कि उसकी OCD कमजोरी नहीं, एक खासियत है.
बता दें कि ‘मिस्त्री’ सिर्फ एक क्राइम शो नहीं, यह एक ऐसी कहानी है जो एक इंसान की दिमागी हालत और उसकी काबिलियत के बीच का संतुलन बखूबी दिखाती है. राम कपूर ने अरमान मिस्त्री के किरदार को ऐसा निभाया है कि शो खत्म होने के बाद भी वो आपको याद रहेंगे.