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Baghelkhandi Fara Recipe: बघेलखंड की पारंपरिक डिश फरा अब स्वाद के साथ सेहत का भी पसंदीदा विकल्प बन रही है. चावल के आटे और दाल की स्टफिंग से तैयार यह व्यंजन स्टीम में पकाया जाता है, इसलिए इसमें तेल बेहद कम लगता है. मानसून में यह पारंपरिक डिश नाश्ते और हल्के भोजन के लिए बेहतरीन विकल्प है. जानें रेसिपी…
Baghelkhandi Fara Recipe: भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अब स्वाद के साथ सेहत का भी खास ख्याल रखने लगे हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र की पारंपरिक डिश फरा एक बार फिर लोगों की पसंद बनती जा रही है. दिखने में साधारण लेकिन स्वाद में बेहद चटपटी और लाजवाब यह डिश उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो तला-भुना खाने से बचना चाहते हैं. खास बात ये कि फरा को तेल में फ्राई नहीं किया जाता, बल्कि भाप में पकाया जाता है, जिससे यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी माना जाता है.
सीधी की रसोईया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को बताया कि फरा चावल के आटे और चना दाल की स्टफिंग से तैयार किया जाता है. इसमें तेल का इस्तेमाल बहुत कम होता है और यह पेट के लिए भी हल्का माना जाता है. यही वजह है कि बघेलखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी इसे सुबह के नाश्ते या हल्के डिनर के रूप में बड़े चाव से खाया जाता है. अपभ्रंश में इसे बड़ा मोमोज कह सकते हैं. बघेलखंडी फरा चाइनीज मोमोज का बाप है.
ऐसे तैयार करते हैं फरा
फरा बनाने के लिए सबसे पहले चावल के आटे में स्वादानुसार नमक मिलाकर गुनगुने पानी की मदद से सख्त आटा गूंथ लिया जाता है और उसे करीब 15 मिनट के लिए ढककर रख दिया जाता है. वहीं, भीगी हुई चना दाल को दरदरा पीसकर उसमें अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, जीरा, नमक और बारीक कटा हरा धनिया मिलाया जाता है. यह मिश्रण फरा की स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार करता है. इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें बेला जाता है और बीच में दाल की स्टफिंग भरकर अच्छी तरह बंद कर दिया जाता है. तैयार फरों को भाप में करीब 15 से 20 मिनट तक पकाया जाता है, जिससे वे नरम और स्वाद से भरपूर बन जाते हैं.
हल्का फ्राई कर दिया तब तो…
हालांकि, फरा का असली स्वाद इसके हल्के तड़के में छिपा होता है. स्टीम होने के बाद एक तवे पर थोड़ा सरसों का तेल गर्म कर उसमें जीरा डाला जाता है और फिर फरों को हल्का सा सेंका जाता है. इससे फरा बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से नरम रहता है, जो इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है. फरा को हरी धनिया-पुदीना की चटनी या टमाटर की हल्की खट्टी-मीठी चटनी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. कम तेल, पौष्टिक सामग्री और आसान रेसिपी के कारण फरा अब पारंपरिक व्यंजन से आगे बढ़कर हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनता जा रहा है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें