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Rice Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर अगर मोदक से कुछ अलग और पारंपरिक मिठाई बनाना चाहते हैं, तो चावल के आटे से तैयार होने वाली पातोली जरूर ट्राई करें. हल्दी के पत्तों में भाप देकर बनाई जाने वाली इस मिठाई में नारियल और गुड़ की स्वादिष्ट फिलिंग होती है. इसकी खुशबू और स्वाद बप्पा के भोग को खास बना देंगे.

हैदराबाद. गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आते ही चारों तरफ उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है. इस उत्सव के दौरान भगवान गणेश को विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवानों का भोग लगाया जाता है. आमतौर पर बप्पा के भोग के लिए उकडीचे मोदक सबसे ज्यादा बनाए जाते हैं. लेकिन यदि आप मोदक को आकार देने के झंझट से बचना चाहते हैं और वही पारंपरिक स्वाद पाना चाहते हैं तो साउथ और कोंकण क्षेत्र की पारंपरिक मिठाई पातोली एक बेहतरीन विकल्प है. हल्दी के ताजे पत्तों में भाप देकर तैयार की जाने वाली यह डिश स्वाद और खुशबू दोनों में बेहद खास होती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.

इसे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए होंगे जैसे- चावल का आटा 1 कप, पानी 1 कप, घी 1 से 2 चम्मच, नमक चुटकी भर, ताजा कद्दूकस किया नारियल 1 कप, बारीक कटा या कद्दूकस किया गुड़, इलायची पाउडर आधा छोटा चम्मच, हल्दी के ताजे पत्ते आवश्यकतानुसार लें.

इसे बनाने की रेसिपी आसान है

इसके लिए सबसे पहले एक बर्तन में पानी, थोड़ा सा घी और एक चुटकी नमक डालकर उबाल लें. पानी में उबाल आने पर आंच धीमी करें और चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसे ढककर 2-3 मिनट तक भाप में पकने दें. इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें, ठंडा होने पर इसे हाथों से मसलकर चिकना आटा गूंथ लें. अब एक पैन में थोड़ा सा घी गर्म करें, इसमें कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल और गुड़ डालें. मध्यम आंच पर इसे तब तक पकाएं जब तक गुड़ पूरी तरह पिघलकर नारियल के साथ अच्छी तरह मिल न जाए.

अंत में इलायची पाउडर मिलाकर गैस बंद कर दें और फिलिंग को ठंडा होने दें. हल्दी के पत्तों को धोकर पोंछ लें और जरूरत के अनुसार काट लें. पत्तों के चिकने हिस्से पर हल्का घी लगाएं. अब चावल के आटे की छोटी लोई लेकर पत्ते के ऊपर रखें और हाथों की मदद से पतला फैला लें. इसके बीच में नारियल-गुड़ की स्टफिंग रखें और पत्ते को आधा मोड़ते हुए किनारों को हल्के हाथों से दबाकर सील कर दें. स्टीमर में पानी गर्म करें, तैयार पातोली को स्टीमर प्लेट पर रखें और ढककर 10 से 12 मिनट तक मध्यम आंच पर भाप में पकाएं. हल्दी के पत्तों की मनमोहक खुशबू और नारियल-गुड़ के लाजवाब स्वाद से भरी गरमा-गरम पातोली बप्पा के नैवेद्य के लिए पूरी तरह तैयार है. इसे शुद्ध देसी घी के साथ परोसा जाता है.

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मोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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