Last Updated:
Saare Jahan Se Accha Review: 13 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई प्रतीक गांधी की वेब सीरीज ‘सारे जहां से अच्छा’ और हाल ही में जियो हॉटस्टार पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘सलाकार’ की कहानी काफी मिलती जुलती है. दोनों एक ही थीम पर तैयार की गई है.
नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई प्रतीक गांधी की नई वेब सीरीज ‘सारे जहां से अच्छा’.
सारे जहां से अच्छा (नेटफ्लिक्स) 3
Starring: प्रतीक गांधी, सनी हिंदुजा, सुहैल नैय्यर, कृतिका कामरा और अन्यDirector: सुमित पुरोहितMusic: केतन सोढ़ा
प्रतीक गांधी, सनी हिंदुजा, सुहैल नय्यर, कृतिका कामरा, रजत कपूर और अनूप सोनी स्टारर वेब सीरीज ‘सारे जहां से अच्छा’ 13 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई. इस सीरीज की कहानी उस समय की है जब भारतीय खुफिया एजेंसी (RAW) की स्थापना हुई थी. इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक बहादुर रॉ एजेंट पाकिस्तान के परमाणु प्रोजेक्ट को नाकाम कर देता है. इस सीरीज की कहानी हाल ही में जियो हॉटस्टार पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘सलाकार’ से काफी मिलती-जुलती है. ‘सारे जहां से अच्छा’ और ‘सलाकार’ एक ही थीम पर बनी हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि ‘सलाकार’ को एक सच्ची घटना पर आधारित बताया गया था, जबकि ‘सारे जहां से अच्छा’ को मेकर्स ने एक सच्ची घटना से प्रेरित काल्पनिक कहानी बता रहे हैं.
सीरीज की शुरुआत वहां से होती है जहां पाकिस्तान परमाणु हथियार बनाने में जुटा है और भारत ऐसा नहीं होने देना चाहता. इसी बीच, भारतीय खुफिया एजेंसी (RAW) की स्थापना होती है और आरएन काओ (रजत कपूर) को रॉ प्रमुख बनाया जाता है. काओ अपने एक खास एजेंट विष्णु शंकर (प्रतीक गांधी) को पाकिस्तान भेजते हैं, जो परमाणु परियोजना को लेकर पाकिस्तान में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी जुटा सके. प्रतीक को भारतीय राजनयिक बनाकर पाकिस्तान भेजा जाता है. पाकिस्तान जाने से पहले, विष्णु तिलोत्तमा शोम से शादी कर लेता है और अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान पहुंच जाता है.
पाकिस्तान पहुंचते ही, ISI विष्णु पर नजर रखती है. ISI, पाकिस्तान प्रमुख अली मुर्तजा मलिक (सनी हिंदुजा) को शक होता है कि भारत ने अपने रॉ एजेंट को राजनयिक बनाकर पाकिस्तान भेजा है. दूसरी ओर, मुर्तजा मलिक पाकिस्तान में रॉ एजेंटों की तलाश कर उन्हें मार रहा है, जिससे रॉ प्रमुख काफी परेशान हैं. वहीं, पाकिस्तान में पहले से ही कुछ रॉ एजेंट सक्रिय हैं. उनमें से कुछ वहां ब्रोकर हैं, एक पाकिस्तानी सेना में उच्च पदों पर हैं और मुर्तजा ऐसे रॉ एजेंट की तलाश में है जो उनके परमाणु परियोजना के रहस्यों को लीक कर रहा हो.
कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है… वो उतनी है मजेदार होती जाती है, लेकिन सीरीज के कुछ एपिसोड स्लो हैं जिससे कहानी धीमी हो जाती है और थोड़ी बोरियत भी महसूस होती है. आखिरी के 2 एपिसोड बहुत ही शानदार हैं, जो आपको सीट से उठने नहीं देंगे. सीरीज में फातिमा खान के रूप में कृतिका कामरा का भी अहम किरदार है, जो एक पाकिस्तनी अखबर हकीकत की संपादक हैं और रॉ के साथ मिलकर वह अपने देश को बचाने में जुट जाती जाती हैं.
एक्टिंग की बात की जाए तो प्रतीक गांधी से लेकर सनी हिंदुजा, सुहैल नय्यर, कृतिका कामरा, रजत कपूर और अनूप सोनी सभी ने अपने-अपने किरदार के साथ इंसाफ किया है. सीरीज में सभी की एक्टिंग आपको काफी पसंद आने वाली है. वहीं, अगर निर्देशन की बात करें तो सुमित पुरोहित का काम आपको पसंद आएगा, लेकिन कुछ जगहों पर लगता है कि वो और भी बेहतर कर सकते थे. सीरीज में केतन सोढ़ा का संगीत भी ठीक-ठाक है, लेकिन जो चीज आपके रोंगटे खड़े कर देगी, वो है इसका बैकग्राउंड स्कोर. सीरीज का बैकग्राउंड स्कोर कमाल का है.
About the Author
Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें