Last Updated:

The Diplomat Movie Review: जॉन अब्राहम की फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ देखने लायक है. फिल्म की कहानी रियल स्टोरी पर बेस्ड है. फिल्म में डिप्टी कमिश्नर जेपी सिंह के रूप में जॉन काफी अच्छी लग रहे हैं. दर्शकों को ऐसी ही फिल्मों का इंतजार भी रहता है.

Zoom

14 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है ‘द डिप्लोमैट’.

द डिप्लोमैट 3

14 मार्च 2025|हिंदी137 मिनट|एक्शन ड्रामा

Starring: जॉन अब्राहम, सादिया खतीब, कुमुद मिश्रा, शारिब हाशमी, रेवती और अन्यDirector: शिवम नायरMusic: मनन भारद्वाज और अनुराग सैकिया

Watch Trailer

शिवम नायर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ उम्मीदों पर खरी उतरी है. होली पर रिलीज हुई फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है. यह फिल्म भारत-पाकिस्तान से जुड़ी जरूर है, लेकिन फिल्म देखने के बाद आपको कहीं भी ऐसा नहीं लगेगा कि इसमें पड़ोसी देश का अपमान किया गया है. फिल्म में डिप्टी कमिश्नर जेपी सिंह की भूमिका में जॉन अब्राहम, उज्मा अहमद के किरदार सादिया खतीब, ताहिर के रूप में जगजीत संधू और सुषमा स्वराज की भूमिका में रेवती नजर आ रही हैं.

फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक भारतीय महिला उज्मा अहमद को पाकिस्तान में धोखे से शादी करके कैद कर लिया जाता है. उज्मा के साथ मारपीट और यौन शोषण होता है. उसे वापस लाने के लिए भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और डिप्टी हाई कमिश्नर जेपी सिंह बहुत कोशिश करते हैं. फिल्म की शुरुआत होती है मलेशिया में रहने वाली उज्मा अहमद (सादिया खतीब) से. उसकी बेटी बीमार है और उसके इलाज के लिए वह परेशान है.

इसी दौरान उसकी मुलाकात ताहिर (जगजीत संधू) से होती है जो पाकिस्तानी है. ताहिर उसे प्यार और बच्ची के इलाज का झांसा देकर पाकिस्तान बुलाता है. पाकिस्तान के खैबर इलाके में पहुंचते ही उज्मा को समझ आ जाता है कि उसे फंसाया गया है. वहां उसके जैसी और भी कई महिलाएं कैद हैं जिनके साथ मारपीट और यौन शोषण होता है.

वहां युवा लड़कों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. किसी तरह उज्मा इंडियन एम्बेसी पहुंचती है और डिप्टी कमिश्नर जेपी सिंह (जॉन अब्राहम) से मदद मांगती है, लेकिन उज्मा को वापस लाना इतना आसान नहीं है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे जेपी सिंह अपनी टीम और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (रेवती) की मदद से मुश्किल हालातों में उज्मा को भारत वापस लाते हैं. उज्मा की पूरी जर्नी देखने के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी होगी.

फिल्म की कहानी आपको पसंद आएगी. ऐसा लगेगा जैसे मानों सब कुछ आपके सामने हो रहा है. इस फिल्म में फिल्म में डिप्टी कमिश्नर जेपी सिंह की भूमिका में जॉन अब्राहम का अभिनय आपका दिल जीतने वाला है. उन्होंने जेपी सिंह की दमदार भूमिका निभाई है. वहीं, उज्मा अहमद के किरदार में सादिया खतीब ने जान फूंक दी है. सादिया ने इस फिल्म में अपना बेस्ट दिया है. वहीं, ताहिर के रूप में जगजीत संधू और सुषमा स्वराज के रूप में रेवती ने भी अपने-अपने किरदार के साथ इंसाफ किया है.

फिल्म के डायरेक्शन की बात की जाए तो शिवम नायर की तारीफ की जानी चाहिए. उन्होंने बहुत ही शानदार तरीके से इस फिल्म में अपना काम दिखाया है. वहीं, मनन भारद्वाज और अनुराग सैकिया की संगीत भी आपके रोंगटे खड़े कर देंगे. वैसे कमियों पर नजर डालें तो पहला पार्ट आपको थोड़ा बोरियत महसूस करवा सकता है, क्योंकि शुरू होते ही फिल्म की रफ्तार थोड़ी स्लो पड़ जाती है और सेकेंड पार्ट फिल्म ऐसी रफ्तार पकड़ती है कि आप अपनी सीट तक नहीं छोड़ना चाहेंगे. कुल मिलाकर देखा जाए तो आप एक बार इस फिल्म अपने पूरे परिवार के साथ सिनेमाघर जाकर देख सकते हैं. मेरी ओर से फिल्म को 3 स्टार.

About the Author

Pratik Shekhar

Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें



Source link

Write A Comment