जन्माष्टमी का त्योहार आते ही चारों तरफ भगवान कृष्ण के पसंदीदा चीजों से मार्केट सज जाता है। खास भीड़ मिठाई की दुकानों पर देखने को मिलती है। लोग लड्डू गोपाल को भोग लगाने के लिए उनके पसंदीदा चीज खरीदते हैं। इनमें से एक पेड़ा भी है। लेकिन आप बाजार की मिलावट से बचने के लिए घर पर ही मथुरा के प्रसिद्ध पेड़ों का भोग तैयार कर सकते हैं। मावे की खास भुनाई और इलायची की सुंगध वाले ये पेड़े अपने अनोखे स्वाद और रंग के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। आमतौर पर इन्हें पारंपरिक तरीके से बनाने में घंटों का समय लगता है, लेकिन इस जन्माष्टमी आप केवल 15 मिनट में हलवाई स्टाइल पेड़े तैयार कर सकते हैं। यहां हम आपके लिए इसकी आसान सी रेसिपी लेकर आए हैं।

सामग्री

  • मिल्क पाउडर: 2 कप
  • दूध
  • देसी घी: 4 बड़े चम्मच
  • तगाड़ या भूरा शक्कर: 1 कप
  • हरी इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
  • जायफल पाउडर: 1 चुटकी
  • केसर का दूध: 2 चम्मच (दूध में भिगोया हुआ)

मथुरा पेड़ा बनाने की सीक्रेट रेसिपी

इंस्टेंट मावा तैयार करें: एक भारी तले की कढ़ाई में धीमी आंच पर घी गर्म करें। अब इसमें गुनगुना दूध डालें और अच्छे से मिला लें। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके मिल्क पाउडर डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न पड़ें। 2 से 3 मिनट में यह गाढ़ा होकर मावे का रूप ले लेगा।

मावे का रंग सुनहरा करें: यह मथुरा पेड़े का सबसे बड़ा सीक्रेट स्टेप है। मावे को मध्यम-धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक इसका रंग डार्क गोल्डन ब्राउन न हो जाए। यदि मावा सूखा लगे तो बीच में 1-2 चम्मच घी या दूध का छींटा मार सकते हैं।

सुगंध और स्वाद जोड़ें: जब मावे से बेहतरीन खुशबू आने लगे और रंग गहरा हो जाए, तब इसमें केसर का दूध, इलायची पाउडर और एक चुटकी जायफल पाउडर मिलाएं। गैस बंद कर दें और मिश्रण को एक प्लेट में निकालकर हल्का ठंडा होने दें।

मिठास मिलाएं: ध्यान रखें कि मिश्रण पूरी तरह ठंडा न हो, केवल इतना गुनगुना रहे कि हाथ से छुआ जा सके। अब इसमें भूरा या तगाड़ मिलाएं। गर्म मावे में शक्कर डालने से वह पिघलकर मिश्रण को पतला कर सकती है, इसलिए इसे हल्के गुनगुने मावे में ही मिलाएं।

शेप दें: अब हथेली पर थोड़ा सा घी लगाकर मिश्रण में से छोटे-छोटे हिस्से लें। फिर इसे शेप दें। भगवन कृष्ण को भोग लगाने के लिए मथुरा का पेड़ा तैयार है। 





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