Sweet Before Or After Meal: कई घरों में खाना खत्म होते ही मीठे की याद आती है. कोई मिठाई का छोटा टुकड़ा लेता है, तो किसी की पसंद फल या मीठा दही होता है, लेकिन क्या मीठा खाने का समय भी उतना ही मायने रखता है जितनी उसकी मात्रा? यह सवाल खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जो वजन, ब्लड शुगर या रोजमर्रा की डाइट को लेकर सतर्क रहते हैं. आम धारणा है कि भोजन के बाद थोड़ी मिठाई खाना सामान्य बात है, जबकि कुछ लोग मानते हैं कि मीठा खाने का बेहतर समय भोजन से पहले है.

असल में मामला इतना सीधा नहीं है. मीठी चीज में मौजूद शुगर, उसके साथ खाए जा रहे दूसरे खाद्य पदार्थ और व्यक्ति की सेहत-तीनों मिलकर शरीर पर असर डालते हैं. इसलिए सिर्फ समय देखकर फैसला करना सही नहीं होगा. फिर भी, खाने से पहले या बाद में मीठा लेने के बीच कुछ व्यावहारिक अंतर जरूर समझे जा सकते हैं.

खाने से पहले मीठा खाना कितना सही?

खाली पेट मीठा खाने से शरीर को शुगर जल्दी मिल सकती है. खासकर मिठाई, मीठे पेय, चॉकलेट या दूसरी ज्यादा शर्करा वाली चीजें तेजी से पचने वाली होती हैं. ऐसे में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और कुछ समय बाद फिर भूख महसूस हो सकती है.

मीठे के बाद भूख बढ़ने का कारण

अगर कोई व्यक्ति भोजन से पहले मिठाई खा लेता है, तो कई बार उसका पेट कैलोरी वाली मीठी चीज से भर जाता है, लेकिन शरीर को प्रोटीन, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते. उदाहरण के लिए, दोपहर के भोजन से ठीक पहले मिठाई खाने पर कुछ लोगों को मुख्य भोजन में संतुलित चीजें खाने की बजाय मीठा ही ज्यादा पसंद आ सकता है.

खाने के बाद मीठा खाना बेहतर है?
भोजन के बाद मीठा लेने का एक व्यावहारिक फायदा यह हो सकता है कि मिठाई अकेले नहीं, बल्कि पूरे भोजन के हिस्से के रूप में खाई जाती है. दाल, सब्जियां, अनाज, प्रोटीन और फाइबर वाले खाद्य पदार्थों के साथ मीठा लेने पर पाचन की गति अलग हो सकती है. इससे मीठी चीज अकेले खाने की तुलना में ब्लड ग्लूकोज प्रतिक्रिया कुछ अलग हो सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि भोजन के बाद जितनी चाहें मिठाई खा सकते हैं, अगर खाने के बाद भारी मिठाई, आइसक्रीम या मीठा पेय लगातार लिया जाए, तो कुल कैलोरी और शुगर का सेवन बढ़ सकता है. यानी समय से ज्यादा जरूरी मात्रा और भोजन की गुणवत्ता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

कितना मीठा और किस तरह का?

अगर मीठा खाने की इच्छा हो, तो छोटी मात्रा से शुरुआत करना बेहतर आदत हो सकती है. घर की बनी खीर, थोड़ी सी मिठाई, फल या बिना अतिरिक्त चीनी वाला दही जैसे विकल्प व्यक्ति की कुल डाइट के अनुसार शामिल किए जा सकते हैं.

डायबिटीज और वजन घटाने वालों को खास ध्यान

डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों को मीठे की मात्रा और कुल कार्बोहाइड्रेट सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए. ऐसे मामलों में केवल यह सोचकर मीठा खाना कि भोजन के बाद लेने से नुकसान नहीं होगा, सही तरीका नहीं है. व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह अधिक उपयोगी रहती है.



Source link

Write A Comment