गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही बघेलखंड के गांवों में पारंपरिक स्वाद और बचपन की यादें फिर से जीवंत हो उठती हैं. दादी-नानी के आंगन में बनने वाली देसी मिठाइयों में गुड़हा सेव आज भी खास पहचान बनाए हुए है. भले ही समय के साथ बच्चों की पसंद फास्ट फूड की ओर बढ़ी हो, लेकिन गांवों और छोटे कस्बों में इस पारंपरिक मिठाई की लोकप्रियता कायम है. गुड़, आटा (या बेसन) और देसी घी से बनने वाला गुड़हा सेव स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. पहले के समय में इसे एनर्जी फूड के रूप में खाया जाता था और आज भी गर्मियों में इसका महत्व बरकरार है. छुट्टियों में ननिहाल या ददिहाल पहुंचने वाले बच्चों का स्वागत भी अक्सर इसी मिठाई से किया जाता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।