Best fish to eat in summer in India: गर्मियों के मौसम में जब तापमान आसमान छूने लगता है, तो हमारे खान-पान का सीधा असर हमारी सेहत और पेट पर पड़ता है. अक्सर नॉन-वेज और खासकर मछली के शौकीनों के मन में यह उलझन रहती है कि इस तपती गर्मी में मछली खानी चाहिए या नहीं? कुछ लोगों का मानना होता है कि मछली की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे खाने से पेट में जलन, एसिडिटी या बदहजमी हो सकती है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और आयुर्वेद के अनुसार, गर्मियों में भी मछली का लुत्फ उठाया जा सकता है, बशर्ते आप सही मछली चुनें.
तो आइए जानते हैं कि इस मौसम में बड़ी मछली खाना बेहतर है या छोटी, कौन सी फिश आपके पेट को रखेगी एकदम कूल और इस मौसम में कुकिंग का वो कौन सा सीक्रेट रूल है जो आपको हर बीमारी से बचाएगा.
गर्मी में बड़ी मछली खाएं या छोटी?
गर्मियों के दिनों में मछली चुनते समय उसका आकार और उसमें मौजूद फैट की मात्रा बहुत मायने रखती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस मौसम में बड़ी और ज्यादा फैटी मछलियों की तुलना में छोटी या मध्यम आकार की ‘लीन फिश’ (Lean Fish) खाना ज्यादा फायदेमंद होता है.
दरअसल, बड़ी मछलियों (जैसे हिल्सा या बड़ी मांगुर) में फैट और ऑयल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. भारी और ऑयली होने के कारण इन्हें पचाने में हमारे पाचन तंत्र को बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे शरीर के अंदरूनी हिस्से में गर्मी (Metabolic Heat) बढ़ जाती है. वहीं दूसरी ओर, छोटी और कम फैट वाली मछलियां प्रोटीन से भरपूर होती हैं और पेट पर बिल्कुल भारी नहीं पड़तीं. इसलिए गर्मियों में भारी और ज्यादा चर्बी वाली बड़ी मछलियों से दूरी बनाना ही समझदारी है.
ये मछलियां आपके पेट को रखेंगी एकदम कूल
अगर आप गर्मियों में पेट को शांत और दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो बाजार से हमेशा फ्रेश वॉटर (नदी या तालाब की) और कम फैट वाली मछलियां ही खरीदें. इसके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प नीचे दी गईं हैं:-
- रोहू और कतला :
उत्तर भारत और बंगाल में गर्मियों के दौरान इन मध्यम आकार की मछलियों को सबसे बेस्ट माना जाता है. इनमें लीन प्रोटीन होता है और फैट नाममात्र का होता है, जिससे ये पेट में जाकर आसानी से पच जाती हैं और ब्लोटिंग या एसिडिटी नहीं करतीं. - मिंगल या मोरी (Mrigal):
यह भी रोहू प्रजाति की हल्की मछली है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है. - व्हाइट पाम्फ्रेट (White Pomfret):
अगर आप सी-फूड के शौकीन हैं, तो हैवी मैकेरल या सार्डिन की जगह हल्की पाम्फ्रेट चुनें. इसका टेक्सचर बहुत लाइट होता है जो गर्मियों के लिए परफेक्ट है.
गर्म मौसम में कुकिंग का ‘सीक्रेट रूल’-
मसालों और तेल पर कंट्रोल:
गर्मियों में मछली को कभी भी कड़ाही भरकर तेल में डीप-फ्राई न करें और न ही काजू, मलाई या बहुत ज्यादा गरम मसालों वाली गाढ़ी ग्रेवी (Rich Curry) बनाएं. तेल-मसालेदार खाना पेट की गर्मी और स्किन एलर्जी को न्योता देता है.
गर्मी में बनाने का सही तरीका:
इस मौसम में मछली बनाने का सबसे बेस्ट तरीका है उसे स्टीम (भाप में पकाना), ग्रिल करना या फिर बहुत कम तेल में तवे पर हल्का सा सेकना (Shallow Fry).
बंगाली स्टाइल ‘माछेर झोल’:
गर्मियों के लिए मछली की सबसे बेहतरीन रेसिपी है पतली ग्रेवी वाला लाइट ‘माछेर झोल’. इसे बनाते समय केवल जीरा, धनिया और हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है. जीरा और धनिया की तासीर ठंडी होती है, जो मछली के साथ मिलकर एक बेहतरीन पाचक (Digestive) भोजन तैयार करती है.
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