Pindi Chole Recipe: आप उन लोगों में हैं जिन्हें छोले खाना बेहद पसंद है, तो आपने पिंडी छोले का नाम जरूर सुना होगा. उत्तर भारत की यह मशहूर डिश अपने गाढ़े मसालों, चटपटे स्वाद और खास खुशबू के लिए जानी जाती है. खास बात यह है कि पिंडी छोले बनाने में प्याज और टमाटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता, फिर भी इसका स्वाद इतना दमदार होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसे बार-बार बनाना चाहते हैं. यही वजह है कि पंजाब के ढाबों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट तक पिंडी छोले की काफी डिमांड रहती है.
अक्सर लोगों को लगता है कि रेस्टोरेंट जैसा स्वाद घर पर नहीं मिल सकता, लेकिन सही मसालों और सही तरीके से पकाने पर आप बिल्कुल वैसा ही स्वाद अपनी रसोई में तैयार कर सकते हैं, अगर आप भी भटूरे, नान या कुलचे के साथ लाजवाब पिंडी छोले बनाना चाहते हैं, तो निशा मधुलिका की आसान रेसिपी आपके बहुत काम आने वाली है. कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करके आप स्वाद से भरपूर पिंडी छोले तैयार कर सकते हैं.
काबुली चने भिगोना क्यों है जरूरी?
पिंडी छोले की शुरुआत अच्छी क्वालिटी के काबुली चनों से होती है. सबसे पहले एक कप काबुली चने लें और उन्हें दो से तीन बार साफ पानी से धो लें. इसके बाद चनों को भरपूर पानी में डालकर पूरी रात के लिए भिगो दें. रातभर पानी में रहने से चने अच्छी तरह फूल जाते हैं और पकने के बाद उनका टेक्सचर काफी मुलायम हो जाता है. यही वजह है कि पिंडी छोले का स्वाद भी बेहतर बनता है.
चायपत्ती के पानी से आता है खास रंग
अगले दिन चनों का पानी निकालकर उन्हें कुकर में डाल दें. अब इसमें एक दालचीनी का टुकड़ा, एक तेजपत्ता और स्वादानुसार नमक डालें. एक अलग पैन में एक कप पानी लेकर उसमें दो चम्मच चायपत्ती उबालें. जब पानी गहरा रंग छोड़ दे तो उसे छानकर कुकर में डाल दें. साथ में एक कप सादा पानी भी मिला दें. चायपत्ती का यह पानी चनों को गहरा रंग और अलग स्वाद देता है, जो पिंडी छोले की पहचान माना जाता है.
चनों को कितनी देर पकाना चाहिए?
कुकर को गैस पर रखें और तेज आंच पर एक सीटी आने दें. इसके बाद आंच धीमी कर दें और करीब तीन मिनट तक चनों को पकने दें. गैस बंद करने के बाद कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें. जब कुकर खुल जाए तो चनों को छान लें. चनों का बचा हुआ पानी फेंकें नहीं, क्योंकि आगे चलकर यही पानी ग्रेवी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने में मदद करेगा.
तैयार करें पिंडी छोले का खास मसाला
पिंडी छोले का असली स्वाद उसके दरदरे मसाले में छिपा होता है. इसके लिए एक पैन में दो चम्मच साबुत धनिया, दो चम्मच सौंफ, दो चम्मच जीरा, दो चम्मच अनारदाना, दो कश्मीरी लाल मिर्च, थोड़ी लौंग, दो बड़ी इलायची और आधा चम्मच काली मिर्च डालें. इन सभी मसालों को धीमी आंच पर भूनें. जब मसालों से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सर में डालकर हल्का दरदरा पीस लें. यही मसाला पिंडी छोले को बाकी छोले की रेसिपी से अलग बनाता है.
तड़का लगाने का सही तरीका
अब एक कड़ाही में थोड़ा देसी घी गर्म करें. घी गर्म होने पर उसमें अदरक का पेस्ट, अदरक के लच्छे, हरी मिर्च और एक चुटकी हींग डालें. कुछ सेकंड भूनने के बाद तैयार किया गया मसाला डाल दें. मसाले को अच्छी तरह चलाएं और फिर थोड़ा नमक और चनों का बचा हुआ पानी मिला दें. धीरे-धीरे मसाला पकने लगेगा और उसकी खुशबू पूरे किचन में फैल जाएगी.
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