उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन हैं, जो स्वाद के साथ-साथ वहां के मौसम और जीवनशैली से भी जुड़े हुए हैं. इन्हीं में से एक है कुलथ की दाल. इसे उत्तराखंड में कई जगह कुल्थ या गहत की दाल भी कहा जाता है. पहाड़ों में यह दाल खास तौर पर सर्दियों के मौसम में बनाई जाती है.
कुलथ एक तरह की दाल है, जिसका रंग आम दालों की तुलना में थोड़ा गहरा होता है. इसका स्वाद हल्का मिट्टी जैसा और खास होता है. पहाड़ी घरों में इसे साधारण तरीके से बनाकर चावल या रोटी के साथ खाया जाता है. कई जगह इससे गहत की फाणू, गहत की दाल और गहत के पराठे जैसे व्यंजन भी बनाए जाते हैं.
कुलथ की दाल बनाने के लिए सामग्री
1 कप कुलथ की दाल
1 छोटा प्याज, बारीक कटा हुआ
2 टमाटर, बारीक कटे हुए
3-4 लहसुन की कलियां
1 हरी मिर्च
1/2 चम्मच जीरा
1/2 चम्मच हल्दी
1/2 चम्मच लाल मिर्च
1/2 चम्मच धनिया पाउडर
नमक स्वाद के अनुसार
1-2 चम्मच सरसों का तेल
जरूरत के अनुसार पानी
थोड़ा सा हरा धनिया
ऐसे बनाएं कुलथ की दाल
सबसे पहले कुलथ की दाल को अच्छी तरह धोकर करीब 6-8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें. इससे दाल जल्दी पक जाती है.
अब भीगी हुई दाल को कुकर में डालें और इसमें करीब 3 कप पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डाल दें. कुकर बंद करके मध्यम आंच पर दाल को अच्छी तरह पकाएं. दाल पकने के बाद उसे हल्का सा मसल लें, ताकि उसका स्वाद और गाढ़ापन अच्छा आए.
अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद कटा हुआ लहसुन, हरी मिर्च और प्याज डालकर भूनें. प्याज हल्का सुनहरा होने लगे तो इसमें टमाटर, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डाल दें.
मसाले को तब तक पकाएं जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाएं और तेल थोड़ा अलग दिखाई देने लगे. अब इसमें पकी हुई कुलथ की दाल डालें और जरूरत के हिसाब से पानी मिलाएं.
दाल को 5-10 मिनट धीमी आंच पर पकने दें. आखिर में ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डाल दें.