Sabudana Khichdi Recipe: सुबह की शुरुआत जल्दी करनी हो और पेट पर भारी भी कुछ न खाना हो, तो साबूदाना खिचड़ी सबसे अच्छे विकल्पों में गिनी जाती है. यह ऐसी डिश है जिसे बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी पसंद करते हैं. खास बात यह है कि इसे बनाने में बहुत ज़्यादा मेहनत नहीं लगती और सही तरीके से तैयार की जाए तो हर दाना अलग-अलग और मुलायम बनता है. यही वजह है कि भारतीय घरों में यह सिर्फ व्रत के दिनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि रोज़मर्रा के नाश्ते का भी हिस्सा बन गई है.
कई लोग ऑफिस जाने से पहले या बच्चों के टिफिन के लिए भी इसे बनाना पसंद करते हैं क्योंकि यह जल्दी तैयार हो जाती है और लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देती है, अगर आपने कई बार साबूदाना खिचड़ी बनाई है लेकिन वह चिपचिपी हो जाती है, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इस परेशानी से बचा जा सकता है. सही मात्रा में पानी, भीगाने का समय और पकाने का तरीका इस रेसिपी का स्वाद पूरी तरह बदल देता है. आइए जानते हैं हल्की, स्वादिष्ट और खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का आसान तरीका.
साबूदाना खिचड़ी क्यों है पसंदीदा नाश्ता?
साबूदाना खिचड़ी हल्की होने के साथ शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाली डिश मानी जाती है. इसमें आलू, मूंगफली और घी का स्वाद इसे और भी लाजवाब बना देता है. कई घरों में इसे दही के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है, अगर सुबह जल्दी में हों और कम समय में पौष्टिक नाश्ता बनाना हो, तो यह रेसिपी अच्छा विकल्प हो सकती है.
खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
1. 1 कप साबूदाना
2. 2 उबले आलू
3. 1/4 कप भुनी हुई मूंगफली (दरदरी कुटी हुई)
4. 2 टेबल स्पून घी
5. 1 छोटा चम्मच जीरा
6. 2 बारीक कटी हरी मिर्च
7. 8 से 10 करी पत्ते (वैकल्पिक)
8. नमक स्वादानुसार
9. 2 टेबल स्पून बारीक कटी धनिया पत्ती
10. 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
साबूदाना पहले कैसे तैयार करें?
खिचड़ी का स्वाद काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि साबूदाना सही तरीके से भिगोया गया है या नहीं. साबूदाने को पहले अच्छी तरह धो लें. फिर इतना पानी डालें कि वह बस साबूदाने की सतह तक रहे. इसे 5 से 6 घंटे या रातभर ढककर रख दें. भीगने के बाद अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें. जब साबूदाना उंगलियों से दबाने पर आसानी से दब जाए, तब वह पकाने के लिए तैयार माना जाता है.
स्टेप 1: तड़का तैयार करें
एक कड़ाही में घी गर्म करें. इसमें जीरा डालकर चटकाएं. इसके बाद हरी मिर्च और करी पत्ते डालें. कुछ सेकंड तक भूनने से इनकी खुशबू घी में अच्छी तरह घुल जाती है.
स्टेप 2: आलू डालकर पकाएं
अब उबले हुए आलू के छोटे-छोटे टुकड़े डालें और दो से तीन मिनट तक हल्का सुनहरा होने दें. इससे आलू का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं.
स्टेप 3: साबूदाना और मूंगफली मिलाएं
अब भीगा हुआ और अच्छी तरह निथारा गया साबूदाना डालें. इसके साथ दरदरी कुटी मूंगफली और नमक मिलाएं. मध्यम आंच पर धीरे-धीरे चलाते हुए 4 से 5 मिनट पकाएं. ध्यान रखें कि बहुत देर तक पकाने से साबूदाना चिपचिपा हो सकता है.
स्टेप 4: आखिर में डालें नींबू और धनिया
गैस बंद करने के बाद नींबू का रस और बारीक कटी धनिया पत्ती डालें. इससे खिचड़ी का स्वाद ताज़ा और हल्का महसूस होता है. इसे दही, मूंगफली या नारियल की चटनी के साथ गरमा-गरम परोस सकते हैं.
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि हर दाना अलग-अलग दिखाई दे, तो साबूदाना भिगोते समय ज़्यादा पानी का इस्तेमाल न करें. मूंगफली को पहले से भूनकर दरदरा पीसने से स्वाद बेहतर आता है. कुछ लोग इसमें हल्की काली मिर्च या सेंधा नमक भी डालते हैं, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है. वहीं, अगर बच्चों के लिए बना रहे हैं तो हरी मिर्च की मात्रा कम रख सकते हैं.