भारत के हर हिस्से के खाने की अपनी एक अलग पहचान है. कहीं सरसों के तेल की खुशबू खाने को खास बनाती है तो कहीं मसालों की जगह स्थानीय सामग्री स्वाद की पहचान बन जाती है. ओडिशा का दालमा भी ऐसी ही पारंपरिक डिश है, जिसमें दाल और कई तरह की सब्जियों को एक साथ पकाया जाता है. देखने में यह साधारण लग सकती है, लेकिन ओडिया भोजन में इसकी खास जगह है. इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि इसमें स्वाद के लिए बहुत ज्यादा मसालों की जरूरत नहीं पड़ती.

दालमा मुख्य रूप से दाल और मौसमी सब्जियों से तैयार किया जाता है. अरहर की दाल का इस्तेमाल आम है, हालांकि घर और क्षेत्र के अनुसार इसमें बदलाव भी देखने को मिलता है. सब्जियों में कच्चा केला, कद्दू, बैंगन, आलू, पपीता, सहजन और दूसरी स्थानीय सब्जियां डाली जा सकती हैं.

यही वजह है कि दालमा को सिर्फ दाल की सब्जी नहीं कहा जा सकता. एक ही बर्तन में दाल, सब्जियों और मसालों का स्वाद मिलकर ऐसा भोजन तैयार करता है जिसे चावल के साथ खूब पसंद किया जाता है.

कम मसालों में बनता है स्वादिष्ट

दालमा की खासियत इसका सादा स्वाद है. पारंपरिक तरीके में इसे बहुत ज्यादा गरम मसालों या भारी ग्रेवी से नहीं बनाया जाता. दाल और सब्जियों को पहले पकाया जाता है और बाद में तड़के से इसका स्वाद बढ़ाया जाता है.

तड़के में पंचफोरन का इस्तेमाल किया जा सकता है. पंचफोरन में आमतौर पर मेथी, कलौंजी, जीरा, सौंफ और सरसों जैसे मसालों का मिश्रण होता है. हालांकि इसके घटक घर या क्षेत्र के हिसाब से अलग भी हो सकते हैं. सूखी लाल मिर्च और थोड़ा सा सरसों का तेल इसके स्वाद और खुशबू को और खास बना देते हैं.

ओडिया थाली का खास हिस्सा

ओडिशा में दालमा का संबंध सिर्फ रोजमर्रा के खाने से नहीं है. यह पारंपरिक ओडिया भोजन की पहचान मानी जाती है और कई घरों में इसे चावल के साथ परोसा जाता है. स्थानीय सब्जियों का इस्तेमाल इसे मौसम के साथ बदलने वाला भोजन भी बनाता है.

जगन्नाथ संस्कृति से जुड़े ओडिशा के भोजन की चर्चा करते समय भी दालमा का नाम सामने आता है, हालांकि घर में बनने वाले दालमा और मंदिर के महाप्रसाद की तैयारियों को एक जैसा मानना सही नहीं होगा. ओडिशा की पाक परंपरा में मंदिर का भोजन अपनी अलग विधि और नियमों के लिए जाना जाता है.

आज के दौर में क्यों पसंद आ रहा है?

आज जब लोग एक ऐसे भोजन की तलाश करते हैं जिसमें दाल और सब्जियां एक साथ मिल जाएं, दालमा काफी practical विकल्प लगता है. इसमें दाल से प्रोटीन और सब्जियों से फाइबर, विटामिन और खनिज मिल सकते हैं. हालांकि इसकी nutritional value इस्तेमाल की गई सामग्री और मात्रा पर निर्भर करती है. इसे बनाने के लिए भी बहुत ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं होती. दाल और कटी हुई सब्जियों को एक साथ पकाकर अंत में हल्का तड़का लगा दें. यही सादगी दालमा को खास बनाती है.



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