Moong Dal Purity Test: रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली मूंग दाल खरीदते वक्त उसकी चमक देखकर खुश होना जरूरी नहीं कि वह अच्छी गुणवत्ता की निशानी हो. कई बार दाल को आकर्षक पीला रंग देने के लिए कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा मूंग जैसी दिखने वाले जंगली पौधों के बीज भी दाल में मिलाए जाने की आशंका रहती है. यही वजह है कि बाजार से दाल खरीदते समय सिर्फ कीमत और रंग पर भरोसा करने के बजाय कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना चाहिए.
अच्छी बात यह है कि घर पर भी पानी की मदद से शुरुआती जांच की जा सकती है. अगर दाल धोते या भिगोते समय पानी का रंग बदलने लगे, तो सावधान होने की जरूरत है. हालांकि, घरेलू जांच किसी मिलावट की पक्की पुष्टि नहीं करती, लेकिन संदिग्ध दाल पहचानने में संकेत जरूर दे सकती है.
पानी में डालकर ऐसे करें मूंग दाल की जांच
मूंग दाल की गुणवत्ता को लेकर मन में संदेह है तो सबसे पहले एक आसान पानी वाला परीक्षण किया जा सकता है. इसके लिए एक साफ गिलास या पारदर्शी कटोरी में पानी लें और उसमें थोड़ी सी दाल डाल दें.
पानी साफ रहे तो क्या समझें?
सामान्य तौर पर साफ दाल को पानी में डालने पर पानी का रंग तुरंत बदलना नहीं चाहिए. अगर कुछ समय बाद भी पानी काफी हद तक साफ रहता है और दाल अपने सामान्य रंग में दिखाई देती है, तो यह एक सकारात्मक संकेत हो सकता है. इसके उलट, अगर दाल डालते ही पानी में पीला रंग तेजी से घुलने लगे या धोने के दौरान पानी असामान्य रूप से रंगीन दिखाई दे, तो दाल पर कृत्रिम रंग की कोटिंग होने का संदेह किया जा सकता है. ऐसे में उसे खाने से पहले दोबारा जांच करना बेहतर है.
दाल का रंग और चमक भी बताएगी कहानी
बाजार में कई बार बहुत चमकीली और गहरे पीले रंग की मूंग दाल ग्राहकों का ध्यान खींचती है. लेकिन प्राकृतिक मूंग दाल का रंग आमतौर पर हल्का पीला या हरेपन लिए हो सकता है. इसलिए जरूरत से ज्यादा चमकदार दाल देखकर तुरंत उसे बेहतर क्वालिटी का न मानें.
धोते समय जरूर दें ध्यान
दाल को पकाने से पहले जब आप उसे धोते हैं, तब भी एक नजर पानी पर डालें. अगर पहली ही धुलाई में पानी का रंग तेजी से बदलता है या दाल का बाहरी रंग noticeably फीका पड़ने लगता है, तो सावधानी बरतें. सिर्फ एक संकेत देखकर दाल को मिलावटी घोषित करना सही नहीं होगा, लेकिन ऐसे मामले में दूसरी दाल लेना समझदारी हो सकती है.
मूंग जैसे दिखने वाले बीजों से भी रहें सावधान
मिलावट सिर्फ कृत्रिम रंग तक सीमित नहीं होती. कई बार मूंग से मिलते-जुलते जंगली पौधों या घास-फूस के बीज भी दाल में दिखाई दे सकते हैं. दाल को थाली में फैलाकर देखें. अगर कुछ दाने आकार, रंग या बनावट में बाकी दानों से बिल्कुल अलग लग रहे हैं, तो उन्हें अलग कर दें. घर में बुजुर्ग अक्सर दाल या अनाज खरीदते समय इसी तरह दानों को हाथ से देखकर पहचान लेते हैं. यह छोटी-सी आदत आज भी उपयोगी है.
खुली दाल खरीदते समय बरतें अतिरिक्त सावधानी
खुली दाल में पैकेजिंग और उत्पाद संबंधी जानकारी जांचना मुश्किल होता है. इसलिए संभव हो तो भरोसेमंद ब्रांड की पैकेट बंद दाल खरीदें और पैकेट पर लेबल, पैकिंग डेट तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी जरूर देखें.
आखिर में एक बात याद रखें पानी का परीक्षण केवल शुरुआती घरेलू जांच है, मिलावट की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं. अगर दाल का रंग असामान्य हो, पानी में तेज रंग छोड़े या उसमें दूसरे बीज नजर आएं, तो उसका इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है. संदिग्ध खाद्य पदार्थ की पक्की जांच के लिए मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला ही भरोसेमंद विकल्प है.