Last Updated:
Tomato Ketchup Recipe: केचअप बनाने के लिए टमाटर के अलावा चीनी, नमक, जीरा, जावित्री और दालचीनी चाहिए होती है. लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेंजोएट और एसिटिक एसिड जैसे प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल किया जाता है.
बालोद. टमाटर की खेती करने वाले किसानों को कई बार बाजार में उचित भाव नहीं मिलने से नुकसान उठाना पड़ता है. कम कीमत होने पर टमाटर तोड़ने की लागत भी नहीं निकल पाती और किसान मजबूरी में टमाटर फेंक देते हैं. ऐसे समय में टमाटर की प्रोसेसिंग कर केचअप बनाकर किसान अतिरिक्त आमदनी हासिल कर सकते हैं. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के विषय वस्तु विशेषज्ञ उद्यानिकी डॉ बलदेव अग्रवाल ने बताया कि किसान अपने खेत के टमाटरों से आसानी से केचअप तैयार कर इसे लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं. डॉ अग्रवाल के मुताबिक, एक किलो टोमेटो केचअप तैयार करने में लगभग 30 से 40 रुपये की लागत आती है जबकि बाजार में इसे करीब 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा सकता है. इससे किसानों को अतिरिक्त लाभ के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिल सकता है.
केचअप बनाने के लिए टमाटर के अलावा शक्कर, नमक, जीरा, जावित्री और दालचीनी की जरूरत होती है. लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेंजोएट और एसिटिक एसिड जैसे प्रिजर्वेटिव का उपयोग किया जाता है. वहीं यदि घर में कुछ दिनों के भीतर ही इसका उपयोग करना है, तो इन प्रिजर्वेटिव की आवश्यकता नहीं होती.
टोमेटो केचअप की रेसिपी
बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले टमाटरों को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काटा जाता है और हरे हिस्से को निकाल दिया जाता है. इसके बाद टमाटरों को करीब 30 मिनट तक गर्म किया जाता है. गर्म होने के बाद छिलका और बीज अलग होने लगते हैं. टमाटर को अच्छी तरह दबाकर कपड़े या छन्नी की मदद से गूदा, छिलका और बीज अलग कर लिए जाते हैं.
दोबारा गर्म किया जाता है टमाटर का रस
इसके बाद टमाटर के रस को दोबारा गर्म किया जाता है. जीरा, जावित्री और दालचीनी को भूनकर पीसने के बाद कपड़े की पोटली बनाकर रस में करीब 10 मिनट तक उबाला जाता है. पोटली निकालकर उसमें नमक और प्रति लीटर टमाटर के रस में लगभग 100 से 150 ग्राम शक्कर मिलाई जाती है. कुछ देर गर्म करने के बाद निर्धारित मात्रा में प्रिजर्वेटिव मिलाकर केचअप तैयार किया जाता है.
बॉटल में भरते समय सावधानी जरूरी
बॉटल में भरते समय भी सावधानी जरूरी है. बॉटल को पहले हल्के गर्म पानी में रखने के बाद केचअप भरा जाता है. पैक करने के बाद बॉटल को दोबारा गर्म पानी में रखने से स्वच्छता बनाए रखने और उत्पाद को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है. इस तरह कम भाव के समय टमाटर फेंकने के बजाय किसान उसकी प्रोसेसिंग कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.