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Moradabadi chola chawal: मुरादाबाद में इन दिनों इंडियन छोले चावल ने धूम मचा रखी है. छोले चावल के शौकीन की यहां भारी भीड़ रहती है. यहां के छोले चावल दूर-दूर तक मशहूर है.इन्हें खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते है. इसके साथ ही इनका स्वाद इतना लाजवाब है कि एक बार खाने के बाद लोग उंगलियां तक चाट जाते हैं एवं कीमत भी इतनी मुनासिफ है कि हर वर्ग का व्यक्ति यहां आकर इनका स्वाद ले सकता है.
मुरादाबादः यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया मे पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां पर पीतल का बड़े पैमाने पर कारोबार किया जाता है. तो वहीं पीतल नगरी में पीतल के साथ-साथ यहां खाने पीने की चीजें भी काफी मशहूर है. जो लोगों को खूब पसंद आती है. इसी प्रकार मुरादाबादी दाल भी दूर-दूर तक फेमस है.जो हर जगह देखने को मिलती है. तो वहीं मुरादाबाद में इन दिनों इंडियन छोले चावल ने धूम मचा रखी है. छोले चावल के शौकीन की यहां भारी भीड़ रहती है. यहां के छोले चावल दूर-दूर तक मशहूर है. इन्हें खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते है. इसके साथ ही इनका स्वाद इतना लाजवाब है कि एक बार खाने के बाद लोग उंगलियां तक चाट जाते हैं एवं कीमत भी इतनी मुनासिफ है कि हर वर्ग का व्यक्ति यहां आकर इनका स्वाद ले सकता है.
प्रभात मार्किट पर लगता है ठेला
छोले चावल के बिक्रेता सुमित कश्यप ने बताया कि मैं प्रभात मार्किट के पास अपना ठेला लगाता हूं. जिसका नाम इंडिया छोले चावल है. मैं इन छोले चावल में सभी देसी मसाले का प्रयोग करता हूं. घर पर हाथ से पीसकर मसाले लाता हूं. उन्ही मसाले का प्रयोग कर यह छोले चावल बनाता हूं. उन्होंने कहा कि मेने इंडियन होने के नाते और यूनिक नाम होने के नाते इंडियन छोले चावल नाम रखा है. गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, काशीपुर, नोएडा सहित दूर-दूर से लोग यहां पर छोले चावल का स्वाद लेने के लिए आते हैं. उन्होंने कहा कि दो भाई हमारे पास नेपाल और हरियाणा तक से छोले चावल खाने के लिए आए थे. उन्होंने कहा कि धाकड़ पहलवान के मोहल्ले से भी एक व्यक्ति हमारे पास छोले चावल खाने आए थे.
कम है छोला चावल की कीमत
उन्होंने कहा कि हमारे छोले चावल में सोयाबीन की बारी का मिश्रण होता है. जिससे स्वाद बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि हमने छोले चावल की प्लेट की कीमत भी बहुत मुनासिफ रखी है. मात्र 20 रुपए में हम यह छोले चावल की प्लेट लोगों को देते हैं. जिससे हर वर्ग का व्यक्ति इन छोले चावल का स्वाद ले सके. इसके साथ ही बहुत से लोग ऐसे हैं जो प्रतिदिन इन छोले चावल को खाने के लिए आते हैं. बहुत से लोग ऐसे हैं कि वह इसका स्वाद इतना लाजवाब बताते हैं की उंगलियां तक चाट जाते हैं और बहुत अच्छा फीडबैक देते हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें