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Papaya Seeds Benefits: इसमें कोई दोराय नहीं कि पपीता सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं इसका बीच इसके रसदार गुदे से ज्यादा पौष्टिक और फायदेमंद होते हैं. यहां आप इसके फायदे और सेवन के तरीके को जान सकते हैं.
पपीता पोषक तत्वों से भरपूर एक सेहतमंद फल है. इसे आप किसी भी सीजन में खा सकते हैं. कच्चा और पका दोनों तरह का पपीता खाने कि लिए इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं पके पपीते का बीज इसके पल्प यानी की गुदा से भी ज्यादा फायदेमंद होते हैं?
जिस पपीते के बीजों को लोग आमतौर पर फेंक देते हैं, उनमें भी कई स्वास्थ्य लाभ छिपे हो सकते हैं. आयुर्वेद और कुछ आधुनिक शोधों के अनुसार, पपीते के बीज पाचन, शरीर की सफाई (डिटॉक्स), रोग प्रतिरोधक क्षमता और अन्य स्वास्थ्य लाभों के लिए उपयोगी हो सकते हैं.
पपीते के बीज के फायदे
- लिवर शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का जरूरी काम करता है. पपीते के बीजों में ग्लूकोसिनोलेट्स और एल्कलॉइड्स जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो लिवर के कार्य को बेहतर बनाने और उसकी कोशिकाओं के पुनर्निर्माण में मदद कर सकते हैं.
- पपीते के बीजों में कार्पाइन नामक तत्व पाया जाता है, जिसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-पैरासाइटिक गुण होते हैं. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि ये बीज ई. कोलाई, साल्मोनेला और स्टैफिलोकोकस जैसे हानिकारक बैक्टीरिया और परजीवियों के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं.
- पपीते के बीजों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण किडनी को ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन से बचाने में मदद कर सकते हैं. पशुओं पर किए गए कुछ अध्ययनों में पाया गया कि पपीते के बीजों का अर्क किडनी की कार्यक्षमता में सुधार कर सकता है.
- पपीते के बीजों में पपेन नामक प्राकृतिक एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को पचाने में मदद करता है. इसके अलावा इनमें फाइबर भी होता है, जो मल त्याग को बेहतर बनाता है और पेट फूलने की समस्या कम कर सकता है. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से अपच, कब्ज और आंतों की सूजन जैसी समस्याओं में मदद मिल सकती है.
पपीते के बीज कैसे खाएं?
सूखे बीजों को पीसकर पाउडर बना सकते हैं और इसे स्मूदी, सलाद या शहद के साथ लिया जा सकता है. इसके अलावा सूखे बीजों को कुचलकर 5 से 10 मिनट तक गर्म पानी में डालकर चाय भी बनाई जा सकती है. ध्यान रखें वयस्क लोग प्रतिदिन ¼ से 1 चम्मच तक सूखे पपीते के बीज खा सतके हैं. शुरुआत हमेशा कम मात्रा से करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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