Pepper Rasam Recipe: बारिश का मौसम हो या गले में हल्की खराश महसूस हो रही हो, ऐसे वक्त में घर के बड़े अक्सर एक गर्म और मसालेदार कटोरा सामने रख देते हैं. यह कटोरा होता है काली मिर्च रसम का. दक्षिण भारत की रसोई से निकली यह पारंपरिक डिश सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि आराम और सुकून देने के लिए भी जानी जाती है. करी पत्ते, इमली, कुटी हुई काली मिर्च, जीरा और लहसुन की खुशबू से भरपूर काली मिर्च रसम आज पूरे देश में पसंद की जा रही है.
खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद साधारण मसालों से ही इसका स्वाद तैयार हो जाता है. हालांकि, यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है, लेकिन सर्दी-खांसी के दौरान गर्म रसम की भाप और मसालों की गर्माहट गले को आराम देने में मदद कर सकती है. यही वजह है कि पीढ़ियों से कई परिवार इसे मौसम बदलने के दिनों में अपने खाने का हिस्सा बनाते आए हैं.
काली मिर्च रसम क्यों है खास?
दक्षिण भारत में रसम को रोजमर्रा के खाने का हिस्सा माना जाता है, लेकिन काली मिर्च रसम की बात अलग है. इसमें इस्तेमाल होने वाली ताजी कुटी काली मिर्च और जीरा शरीर को गर्माहट देने के लिए जाने जाते हैं. वहीं, लहसुन इसकी खुशबू और स्वाद को और बेहतर बनाता है. जब मौसम ठंडा हो या शरीर थोड़ा थका हुआ महसूस करे, तब एक गर्म कप रसम मन और शरीर दोनों को सुकून देता है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है.
काली मिर्च रसम बनाने के लिए क्या चाहिए?
जरूरी सामग्री
1. 1 बड़ा चम्मच साबुत काली मिर्च
2. 1 बड़ा चम्मच जीरा
3. 5 से 6 लहसुन की कलियां
4. 1 छोटा टमाटर
5. एक छोटी नींबू जितनी इमली
6. 8 से 10 करी पत्ते
7. 1 चुटकी हल्दी
8. स्वादानुसार नमक
9. 1 छोटा चम्मच घी
तड़के के लिए
1. आधा छोटा चम्मच राई
2. 1 सूखी लाल मिर्च
3. कुछ करी पत्ते
ऐसे बनाएं स्वादिष्ट काली मिर्च रसम
1. सबसे पहले काली मिर्च और जीरे को दरदरा कूट लें. लहसुन को भी हल्का सा दबाकर कुचल लें. अब इमली को गुनगुने पानी में भिगोकर उसका रस निकाल लें. एक बर्तन में इमली का पानी, कटे हुए टमाटर, हल्दी और नमक डालें. इसमें कुटी हुई काली मिर्च, जीरा और लहसुन मिला दें.
मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं. ध्यान रखें कि रसम को तेज आंच पर ज्यादा देर तक न उबालें, वरना इसका स्वाद कड़वा हो सकता है. जैसे ही ऊपर हल्का झाग दिखने लगे, गैस बंद कर दें. अब एक छोटे पैन में घी गर्म करें, उसमें राई, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालकर तड़का तैयार करें. इस तड़के को रसम में डालें और गर्मागर्म परोसें.
रसम बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
ताजी कुटी काली मिर्च ही इस्तेमाल करें
बाजार में मिलने वाला तैयार पाउडर रसम का असली स्वाद नहीं दे पाता. ताजी कुटी काली मिर्च की खुशबू और तीखापन अलग ही होता है.
तेज आंच से बचें
रसम को हमेशा धीमी आंच पर पकाएं. ज्यादा उबाल आने से मसालों का स्वाद बिगड़ सकता है.
लहसुन की मात्रा संतुलित रखें
जरूरत से ज्यादा लहसुन डालने से काली मिर्च का स्वाद दब सकता है.
काली मिर्च रसम की आसान वैरायटी
अगर आप हल्का स्वाद पसंद करते हैं तो टमाटर की मात्रा बढ़ा सकते हैं. इससे रसम का खट्टापन और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं. वहीं, ज्यादा तीखा स्वाद पसंद करने वाले लोग काली मिर्च और जीरे की मात्रा बराबर रख सकते हैं. कुछ परिवार इसमें थोड़ा धनिया भी मिलाते हैं, जिससे इसका स्वाद और ताजा लगता है.
परंपरा से जुड़ा है यह स्वाद
दिलचस्प बात यह है कि टमाटर के भारतीय रसोई में आने से पहले भी काली मिर्च रसम बनाई जाती थी. पुराने समय में इसे भोजन के साथ-साथ आराम देने वाले घरेलू व्यंजन के रूप में देखा जाता था. आज भी दक्षिण भारत के कई घरों में बारिश और सर्दियों के मौसम में यह रेसिपी जरूर बनती है. चावल के साथ हो या फिर एक कप में अकेले, इसका स्वाद हर बार सुकून देता है.
कब पीना सबसे बेहतर?
सर्द शाम, बरसात का मौसम, गले में खराश या हल्की थकान महसूस होने पर काली मिर्च रसम एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इसे गर्मागर्म ही परोसें, क्योंकि ठंडा होने पर इसका स्वाद और खुशबू दोनों कम हो जाते हैं.