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Muzaffarpur Shambhu Nimki Recipe: मुजफ्फरपुर में शंभू 40 साल से नेपाली निमकी बेच रहे हैं. वह अपने ठेले को समाहरणालय परिसर में लगाते हैं. जहां 10 रुपये प्लेट वाली यह निमकी लोगों को खूब पसंद आती है. यहां स्वाद के दीवानों की कभी-कभी तो लंबी लाइन लग जाती है.

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर शहर की समाहरणालय परिसर में पिछले करीब 40 वर्षों से एक छोटा-सा ठेला लोगों के बीच अपनी खास पहचान बनाए हुए है. यहां बुजुर्ग शंभू अपने हाथों से नेपाली निमकी तैयार करते हैं. स्वाद और गुणवत्ता ऐसी है कि इस निमकी के दीवाने सिर्फ मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर से बाहर रहने वाले लोग भी जब यहां पहुंचते हैं तो नेपाली निमकी का स्वाद लेना नहीं भूलते हैं.

शंभू बताते हैं कि करीब चार दशक पहले उन्होंने कचहरी रोड पर ठेले से नेपाली निमकी बनाकर बेचने का काम शुरू किया था. शुरुआत में ग्राहक सीमित थे, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को इसका स्वाद पसंद आने लगा. आज स्थिति यह है कि वर्षों पुराने ग्राहक अब भी उनके ठेले पर पहुंचते हैं. बदलते समय के साथ बाजार में कई तरह के नमकीन और स्नैक्स उपलब्ध हुए, लेकिन नेपाली निमकी का स्वाद लोगों के बीच अपनी जगह बनाए हुए है.

10 रुपये प्लेट है निमकी

यह नेपाली निमकी देखने में सामान्य निमकी से अलग होती हैय यह छोटी-छोटी निमकी की तरह तैयार की जाती है, लेकिन इसका आकार सामान्य छोटे नमकीन से थोड़ा बड़ा होता है. इसे कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए खास तरीके से तैयार किया जाता है. शंभू बताते हैं कि जब शुरू किए थे, तब 2 रुपए कीमत था, लेकिन वर्तमान में इसकी कीमत 10 रुपये प्लेट है. कचहरी या समाहरणालय परिसर में आने वाले लोग खासकर शाम के समय इसे चाय के साथ खाना पसंद करते हैं.

40 साल से स्वाद है बरकरार

पुराने ग्राहकों के लिए इस ठेले की नेपाली निमकी सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि शहर की पुरानी स्वाद और यादों से जुड़ी चीज बन चुकी है. एक बुजुर्ग ग्राहक बताते हैं कि वह करीब 40 वर्षों से कचहरी आते रहे हैं. उनके अनुसार, इस इलाके में कई दुकानें और खाने-पीने की चीजें बदलीं, लेकिन शम्भू जी की नेपाली निमकी का स्वाद आज भी अलग है. यही वजह है कि वह जब भी यहां आते हैं, इसका स्वाद जरूर लेते हैं.

ग्राहक अरविंद कुमार बताते हैं कि शाम के समय कचहरी की ओर आने पर चाय के साथ नेपाली निमकी खाना उन्हें काफी पसंद है. उनका कहना है कि चाय के साथ इसका स्वाद बिस्कुट से भी बेहतर लगता है. कई लोग इसे शाम के नाश्ते के तौर पर भी खाते हैं.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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