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ट्रेन के सफर से जुड़ी कई चीजें लोगों की यादों का हिस्सा बन जाती हैं, और रेलवे स्टेशन पर मिलने वाली गर्मागर्म कटलेट भी उनमें से एक है. चाय के साथ परोसी जाने वाली यह साधारण सी दिखने वाली डिश दशकों से यात्रियों की पसंद बनी हुई है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रेलवे स्टेशन की यह मशहूर कटलेट आखिर शुरू कैसे हुई और कैसे यह भारतीय रेल यात्रा की पहचान बन गई? इसकी कहानी काफी दिलचस्प है.

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रेलवे स्टेशन की कटलेट कई लोगों के बचपन और सफर की यादों का हिस्सा है.

ट्रेन का सफर और रेलवे स्टेशन की कटलेट, दोनों का रिश्ता काफी पुराना है. आज भी कई लोग प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही सबसे पहले चाय और कटलेट की तलाश करते हैं. बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम सब्जियों से भरी यह कटलेट सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि रेलवे यात्रा की पहचान बन चुकी है. दिलचस्प बात यह है कि इसकी कहानी आज की नहीं, बल्कि ब्रिटिश दौर से जुड़ी हुई है.

कटलेट मूल रूप से भारतीय व्यंजन नहीं है. इसकी शुरुआत यूरोप में हुई थी, जहां इसे मांस से तैयार किया जाता था. जब ब्रिटिश भारत आए और रेलवे नेटवर्क का विस्तार होने लगा, तब रेलवे कैंटीनों में भी कई पश्चिमी व्यंजन परोसे जाने लगे. कटलेट भी उन्हीं में से एक थी. उस समय अंग्रेज अधिकारियों और यात्रियों के लिए यह एक लोकप्रिय स्नैक माना जाता था.

भारतीय स्वाद के हिसाब से बदली गई रेसिपी
भारत में बड़ी संख्या में लोग शाकाहारी भोजन पसंद करते थे. ऐसे में रेलवे के रसोइयों ने कटलेट का भारतीय संस्करण तैयार किया. मांस की जगह आलू, गाजर, मटर, बीन्स और देसी मसालों का इस्तेमाल किया जाने लगा. इसके बाद मिश्रण को ब्रेडक्रम्ब्स में लपेटकर तेल में तला जाता था. यही वेज कटलेट धीरे-धीरे लोगों की पसंद बन गई.

रेलवे के लिए क्यों थी परफेक्ट डिश?
रेलवे को ऐसे खाने की जरूरत थी जो जल्दी तैयार हो जाए, बड़ी संख्या में लोगों को परोसा जा सके और कुछ समय तक खराब भी न हो. कटलेट इन सभी जरूरतों पर खरी उतरती थी. इसे पहले से तैयार करके रखा जा सकता था और जरूरत पड़ने पर तुरंत गर्म करके यात्रियों को दिया जा सकता था. यही वजह रही कि यह रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में तेजी से लोकप्रिय हुई.

चाय और सॉस ने बना दी हिट जोड़ी
कटलेट का असली मजा तब आता है जब इसके साथ गर्म चाय और टमाटर सॉस मिल जाए. रेलवे स्टेशनों पर यह कॉम्बिनेशन इतना लोकप्रिय हुआ कि धीरे-धीरे यह भारतीय रेल यात्रा की पहचान बन गया. कई लोगों के लिए आज भी ट्रेन का सफर तब तक अधूरा लगता है, जब तक प्लेटफॉर्म पर कटलेट का स्वाद न मिल जाए.

आज भी बरकरार है लोकप्रियता
समय के साथ रेलवे स्टेशनों पर खाने के कई नए विकल्प आ गए हैं. अब पिज्जा, बर्गर, सैंडविच और कई तरह के फास्ट फूड आसानी से मिल जाते हैं. इसके बावजूद कटलेट की लोकप्रियता कम नहीं हुई है. इसका कारण इसका सरल स्वाद, किफायती कीमत और उससे जुड़ी पुरानी यादें हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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