Singhara Atta Recipe: व्रत के दिनों में रसोई की सबसे जरूरी चीजों में अगर किसी एक का नाम लिया जाए तो वह सिंघाड़े का आटा है. इससे बनी पूरी, हलवा, चीला, पकौड़ी और पराठे स्वाद के साथ पेट भी भरते हैं. आमतौर पर लोग इसे सीधे बाजार से खरीद लेते हैं, लेकिन कई बार पैकिंग पर भरोसा होने के बावजूद आटे की ताजगी और शुद्धता को लेकर मन में सवाल रह जाते हैं. ऐसे में एक आसान तरीका है कि आप इसे घर पर ही तैयार करें.

इसमें न ज्यादा मेहनत लगती है और न ही किसी खास मशीन की जरूरत होती है, अगर आपके पास सूखे सिंघाड़े और एक मिक्सर है तो कुछ आसान स्टेप्स में बिल्कुल बारीक, ताजा और बिना मिलावट वाला सिंघाड़े का आटा तैयार किया जा सकता है. खास बात यह है कि घर पर तैयार किया गया आटा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और उसका स्वाद भी अलग ही होता है. आइए जानते हैं कि सिंघाड़े का आटा बनाने का सही तरीका क्या है और किन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

घर पर सिंघाड़े का आटा बनाने के लिए क्या चाहिए?

सिंघाड़े का आटा बनाने के लिए आपको सिर्फ अच्छी क्वालिटी के सूखे सिंघाड़ों की जरूरत होगी. इसके अलावा एक साफ और पूरी तरह सूखा हुआ मिक्सर या ग्राइंडर, बारीक छलनी और एयरटाइट डिब्बा रखें. सिंघाड़े खरीदते समय यह जरूर देख लें कि उनमें नमी, फफूंदी या किसी तरह की बदबू न हो. अच्छी क्वालिटी के सूखे सिंघाड़ों से तैयार आटा ज्यादा स्वादिष्ट और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.

सबसे पहले सिंघाड़ों की अच्छी तरह सफाई करें

आटा बनाने से पहले सूखे सिंघाड़ों को ध्यान से जांच लें, अगर उन पर धूल या मिट्टी लगी हो तो साफ सूखे कपड़े से पोंछ दें. जरूरत महसूस हो तो हल्के पानी से धो सकते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. हल्की-सी नमी भी आटे की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है.

धूप में सुखाने से मिलेगा बेहतर परिणाम

अगर सिंघाड़ों को धोया गया है तो उन्हें साफ कपड़े या बड़ी थाली में फैलाकर कुछ घंटों तक धूप में रखें. अच्छी तरह सूखने के बाद ही उन्हें पीसें. पूरी तरह सूखे सिंघाड़े आसानी से पिसते हैं और तैयार आटा ज्यादा दिनों तक खराब नहीं होता.

मिक्सर में ऐसे पीसें ताकि आटा बने बिल्कुल बारीक

जब सिंघाड़े पूरी तरह सूख जाएं तो उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके मिक्सर जार में डालें. एक साथ ज्यादा मात्रा भरने की बजाय छोटे बैच में पीसना बेहतर रहता है. इससे मिक्सर पर दबाव कम पड़ता है और आटा ज्यादा बारीक बनता है. जरूरत हो तो बीच-बीच में मिक्सर बंद करके मिश्रण को चलाते रहें.

छलनी से छानना बिल्कुल न भूलें

पीसने के बाद तैयार पाउडर को बारीक छलनी से छान लें. इससे मोटे टुकड़े अलग हो जाएंगे. छलनी में बचे हुए हिस्से को दोबारा मिक्सर में पीसकर फिर से छान लें. इस प्रक्रिया के बाद आपको एकदम मुलायम और महीन सिंघाड़े का आटा मिलेगा, जिससे बनी हर रेसिपी का स्वाद बेहतर आएगा.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

आटे को सही तरीके से स्टोर करना भी जरूरी

आटा तैयार होने के बाद उसे पूरी तरह ठंडा होने दें. फिर एयरटाइट डिब्बे में भरकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें, अगर मौसम में ज्यादा नमी हो तो डिब्बे को फ्रिज में भी रखा जा सकता है. ध्यान रखें कि आटा निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें, ताकि उसमें नमी न पहुंचे.

घर का बना सिंघाड़े का आटा क्यों है बेहतर विकल्प?

घर पर तैयार किया गया आटा पूरी तरह आपकी निगरानी में बनता है. इसमें किसी तरह की मिलावट की आशंका नहीं रहती और इसकी ताजगी भी बनी रहती है. कई लोग व्रत के दौरान शुद्धता को लेकर विशेष ध्यान रखते हैं. ऐसे में घर का बना आटा भरोसेमंद विकल्प साबित होता है. इसके अलावा जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा मात्रा में आटा तैयार किया जा सकता है, जिससे बर्बादी भी नहीं होती.

इन चीजों में कर सकते हैं इस्तेमाल

सिंघाड़े के आटे से व्रत वाली पूरी, पराठा, चीला, पकौड़ी, हलवा, कचौरी और मिठाई जैसी कई रेसिपी बनाई जा सकती हैं. कुछ लोग इसे दही के साथ मिलाकर भी खाते हैं, अगर घर में बच्चे या बुजुर्ग हैं तो ताजा आटे से बनी चीजों का स्वाद और गुणवत्ता दोनों बेहतर मिलती है.



Source link

Write A Comment