दाल मखनी उत्तर भारत की एक बेहद लोकप्रिय और स्वादिष्ट डिश है, जिसे खासतौर पर पंजाबी खाने में प्रमुख स्थान मिला हुआ है. इसका गाढ़ा, क्रीमी और मक्खनदार स्वाद हर किसी को पसंद आता है. यह रेसिपी मुख्य रूप से साबुत उड़द दाल और राजमा से बनती है, जिसे धीमी आंच पर पकाकर तैयार किया जाता है.
सामग्री
साबुत उड़द दाल – 1 कप
राजमा – 1/4 कप
पानी – 4-5 कप
नमक – स्वाद अनुसार
हल्दी पाउडर – 1/2 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटी चम्मच
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
टमाटर प्यूरी – 1 कप
मक्खन – 2-3 बड़े चम्मच
क्रीम – 1/2 कप
जीरा – 1/2 छोटी चम्मच
गरम मसाला – 1/2 छोटी चम्मच
कसूरी मेथी – 1 छोटी चम्मच
हरी मिर्च – 2 (बारीक कटी हुई)
हरा धनिया – सजाने के लिए
बनाने की विधि
–सबसे पहले उड़द दाल और राजमा को अच्छी तरह धो लें और इन्हें रातभर या कम से कम 7-8 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इससे दाल नरम हो जाती है और जल्दी पकती है.
–भिगोई हुई दाल और राजमा को प्रेशर कुकर में डालें. इसमें नमक, हल्दी और 4 कप पानी डालकर 6-7 सीटी तक पका लें ताकि दाल पूरी तरह नरम हो जाए. पकने के बाद दाल को हल्का मैश कर लें, जिससे ग्रेवी गाढ़ी और क्रीमी बनती है.
–अब एक कड़ाही या पैन में मक्खन गर्म करें. उसमें जीरा डालें और चटकने दें. फिर अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर हल्का भून लें जब तक उसकी कच्ची खुशबू खत्म न हो जाए. इसके बाद टमाटर प्यूरी डालकर मध्यम आंच पर पकाएं. मसाले को तब तक पकाएं जब तक तेल ऊपर न दिखने लगे.
–अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, हरी मिर्च और थोड़ा सा नमक डालें. फिर उबली हुई दाल को इस मसाले में डालें. अच्छी तरह मिलाकर इसे धीमी आंच पर 20-25 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दाल नीचे से चिपके नहीं.
–जब दाल अच्छी तरह गाढ़ी और क्रीमी हो जाए, तब इसमें क्रीम डालें और अच्छी तरह मिला लें. अब गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें, जिससे दाल का स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है.
–दाल मखनी में मक्खन का इस्तेमाल उदारता से किया जाता है, इसलिए अंत में थोड़ा सा मक्खन ऊपर से डालकर इसे और रिच बनाया जा सकता है.
परोसने का तरीका
गरमा-गरम दाल मखनी को हरे धनिये से सजाएं और नान, तंदूरी रोटी, पराठा या जीरा राइस के साथ परोसें.
टिप्स
दाल को जितनी देर धीमी आंच पर पकाया जाएगा, स्वाद उतना ही अच्छा आएगा.
क्रीम और मक्खन की मात्रा कम या ज्यादा करके आप इसे अपने स्वाद के अनुसार बना सकते हैं.
असली स्वाद के लिए दाल को “स्मोकी फ्लेवर” देने के लिए कोयले का धुआं भी इस्तेमाल किया जा सकता है.