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How to Make Rajasthani Style Pickles: राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अचार बनाना केवल स्वाद नहीं, बल्कि परंपरा और अनुभव का हिस्सा माना जाता है. गांव की महिलाएं हाथ से मसाले कूटकर पारंपरिक तरीके से अचार तैयार करती हैं. चंद्रकला के अनुसार फल और सब्जियों को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही मसालों के साथ मिलाकर कांच के सूखे डिब्बों में रखा जाता है. अचार को समय-समय पर धूप दिखाने और सूखे चम्मच से निकालने जैसी सावधानियां उसे महीनों तक सुरक्षित रखती हैं. यही वजह है कि देसी अचार हर भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है.
गर्मियों में हर घर में अचार बनाने की परंपरा बड़े उत्साह के साथ निभाई जाती है. रसोई में खुशबूदार मसालों की महक और धूप में सूखते आम के टुकड़े एक अलग ही माहौल बना देते हैं. अचार सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला नहीं होता, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी अहम हिस्सा है. आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप घर पर आसानी से स्वादिष्ट अचार बना सकते हैं. अचार बनाने का सही तरीका जानना भी बेहद जरूरी है. अचार बनाने वाली महिला चंद्रकला ने बताया कि सबसे पहले जिस फल या सब्जी का अचार डालना हो, उसे अच्छे से धोकर पूरी तरह सुखाना चाहिए, ताकि उसमें नमी बिल्कुल न रहे. इसके बाद उन्हें काटकर मसालों के साथ मिलाया जाता है और फिर साफ व सूखे कांच के डिब्बे में भर दिया जाता है. डिब्बे को रोजाना कुछ दिनों तक धूप में रखना चाहिए, जिससे अचार अच्छी तरह पक जाए.
राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में अचार बनाना केवल एक घरेलू काम नहीं, बल्कि परंपरा, स्वाद और अनुभव का अनोखा संगम माना जाता है. गांव की महिलाएं आज भी अपने हाथों से मसालों को कूटकर अचार तैयार करती हैं. इसमें सरसों, मेथी, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च, नमक और पंच मसालों का खास मिश्रण उपयोग किया जाता है. यही देसी मसाले अचार को अलग स्वाद और खुशबू देते हैं. गर्मियों में बनाए गए ये पारंपरिक अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और खाने का स्वाद बढ़ाते हैं. थोड़ी मेहनत और सही तरीके से आप भी घर पर स्वादिष्ट और पारंपरिक अचार आसानी से तैयार कर सकते हैं.
भरतपुर की रहने वाली चन्द्रकला गर्मियों में अचार बनाने की सबसे बड़ी वजह तेज धूप होती है, जो अचार को प्राकृतिक तरीके से पकाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करती है. इस मौसम में आम, नींबू, मिर्च समेत कई तरह के स्वादिष्ट अचार तैयार किए जाते हैं. महिलाओं के अनुसार अचार बनाते समय सही सामग्री, देसी मसालों और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. अच्छे और ताजे फल-सब्जियां अचार के स्वाद को और भी बेहतर बना देती हैं. धूप में अच्छी तरह पकने के बाद अचार में खास खुशबू और स्वाद आ जाता है, जो खाने का जायका बढ़ा देता है.
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अचार बनाने वाली चंद्रकला का कहना है कि राजस्थान स्टाइल अचार में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मसालों की होती है. सरसों, मेथी, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च और नमक के साथ हाथ से कूटे गए पंच मसाले अचार को खास स्वाद और खुशबू देते हैं. इसके साथ शुद्ध सरसों का तेल अचार को लंबे समय तक खराब होने से बचाने में मदद करता है. महिलाओं के अनुसार मसालों का सही संतुलन ही अचार को लाजवाब बनाता है. अगर मसालों की मात्रा सही न हो तो स्वाद बिगड़ सकता है. इसलिए अचार बनाते समय मसालों और तेल की मात्रा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है.
चंद्रकला बताती हैं कि अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए. अचार निकालते समय हमेशा सूखे और साफ चम्मच का ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि उसमें नमी न पहुंचे. अचार को हमेशा नमी और पानी से दूर रखना जरूरी होता है, क्योंकि थोड़ी सी नमी भी उसे खराब कर सकती है. डिब्बे को अच्छी तरह बंद करके रखना चाहिए और समय-समय पर धूप भी दिखाते रहना चाहिए. सही तरीके और साफ-सफाई के साथ बनाया गया अचार महीनों तक सुरक्षित रहता है. साथ ही यह हर भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ाकर खाने का मजा और भी खास बना देता है.