Last Updated:

Gorakhpur News : अगर आप गोरखपुर घूमने आए हैं और शहर के पुराने स्वाद की तलाश में हैं तो अलीपुर चौराहे पर स्थित राजन चाट कॉर्नर जरूर पहुंचिए. यहां का आलू दम, समोसा और टिकिया आपको सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि शहर की पुरानी खाद्य संस्कृति से भी रूबरू करा देगा.

गोरखपुर : यूपी के गोरखपुर में जब भी स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड की बात होती है तो लोगों की पहली पसंद अक्सर इंदिरा बाल विहार की चटोरी गली या रामगढ़ताल का नौकाविहार इलाका होता है. शहर के अलीपुर चौराहे पर मौजूद एक छोटी-सी दुकान आज भी अपने 40 से 50 साल पुराने स्वाद की वजह से लोगों के बीच खास पहचान बनाए हुए है. यहां मिलने वाला आलू दम, टिकिया, समोसा और दही बड़ा आज भी उसी पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है, जैसा दशकों पहले बनाया जाता था.

बाबा ने की थी शुरुआत
अलीपुर चौराहे पर स्थित राजन चाट कॉर्नर की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है जितना यहां का स्वाद. दुकान संचालक राजन ने लोकल 18 को बताया कि इस सफर की शुरुआत उनके बाबा ने करीब चार से पांच दशक पहले की थी. उस समय वह सिर पर टोकरी रखकर गली-गली घूमते थे और लोगों को आलू दम व अन्य चाट खिलाते थे. धीरे-धीरे लोगों का प्यार और भरोसा बढ़ता गया और आज उसी मेहनत की बदौलत यह छोटी-सी दुकान पुराने जायके की पहचान बन चुकी है.

अपने हाथों से बनाते हैं और खिलाते हैं
राजन बताते हैं कि दुकान में किसी बड़े स्टाफ की जरूरत नहीं पड़ती. यहां मालिक ही कारीगर हैं और अपने हाथों से हर व्यंजन तैयार करते हैं. आलू दम से लेकर टिकिया, समोसा और दही बड़ा तक हर चीज ताजा बनाई जाती है, जिससे स्वाद बरकरार रहता है.

पत्ते में परोसते हैं सब कुछ
इस दुकान की सबसे खास बात सिर्फ इसका स्वाद नहीं, बल्कि इसकी परंपरा भी है. आज के दौर में जहां अधिकांश दुकानों पर डिस्पोजेबल प्लेट और कटोरियों का इस्तेमाल होता है, वहीं यहां आज भी ग्राहकों को पत्तों पर ही चाट परोसी जाती है. राजन का कहना है कि इससे न केवल पुरानी परंपरा जीवित रहती है, बल्कि खाने का स्वाद भी अलग महसूस होता है.

पुराने मसाले से तैयार होता आलू दम
आलू दम के स्वाद का असली राज उसके मसालों में छिपा है. राजन बताते हैं कि उनके बाबा द्वारा तैयार की गई मसालों की खास रेसिपी आज भी उसी तरह अपनाई जाती है. यही वजह है कि वर्षों बाद भी इस आलू दम का स्वाद लोगों को अपनी ओर खींच लाता है. उनका दावा है कि गोरखपुर में इस अंदाज का आलू दम शायद ही कहीं और देखने या चखने को मिले.

About the Author

काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें



Source link

Write A Comment