Khoya Recipe: सावन का महीना आते ही घरों में पूजा-पाठ, व्रत और मिठाइयों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. कोई भगवान शिव के भोग के लिए पेड़े बनाता है तो कोई घेवर, गुजिया या स्वादिष्ट हलवा तैयार करता है. इन सभी मिठाइयों की जान होता है शुद्ध खोया, लेकिन जैसे-जैसे त्योहारों का मौसम नजदीक आता है, बाजार में मिलने वाले मावे की शुद्धता को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ जाती है. कई बार मिलावटी खोया स्वाद के साथ-साथ सेहत पर भी बुरा असर डाल सकता है. ऐसे में अगर थोड़ी-सी मेहनत करके घर पर ही ताजा और शुद्ध खोया तैयार कर लिया जाए, तो न सिर्फ मिठाइयों का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है बल्कि मन में यह संतोष भी रहता है कि परिवार और भगवान के भोग में पूरी तरह शुद्ध सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है.
अच्छी बात यह है कि खोया बनाने के लिए किसी खास मशीन या मुश्किल तकनीक की जरूरत नहीं होती. सही बर्तन, थोड़ा धैर्य और कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर केवल 2 लीटर फुल क्रीम दूध से करीब 400 से 450 ग्राम बेहतरीन खोया तैयार किया जा सकता है, जिसे कई दिनों तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है.
घर पर खोया बनाना क्यों है बेहतर विकल्प?
त्योहारों के दौरान बाजार में खोये की मांग अचानक बढ़ जाती है. इसी वजह से कई जगह मिलावटी मावा मिलने की शिकायतें भी सामने आती हैं. घर पर बनाया गया खोया पूरी तरह ताजा होता है और इसमें किसी तरह की मिलावट की चिंता नहीं रहती, अगर आप पेड़ा, बर्फी, गुलाब जामुन, कलाकंद, घेवर या गुजिया जैसी मिठाइयां बनाने की सोच रहे हैं, तो पहले से खोया तैयार करके फ्रिज में रखना काफी सुविधाजनक रहता है.
खोया बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
सामग्री
1. 2 लीटर फुल क्रीम दूध (भैंस का दूध हो तो और बेहतर)
2. आधा छोटा चम्मच देशी घी
3. आधा छोटा चम्मच पानी
सबसे पहले अपनाएं ये आसान ट्रिक
खोया बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी दूध का कड़ाही में चिपकना होती है. इससे बचने के लिए भारी तले वाली कड़ाही लें. दूध डालने से पहले उसमें थोड़ा पानी और हल्का-सा घी लगाकर पूरे तले पर फैला दें. इससे दूध नीचे नहीं जलेगा और खोये का स्वाद भी बेहतर रहेगा.
कैसे बनाएं शुद्ध खोया?
पहला चरण
तैयार कड़ाही में पूरा दूध डालें और तेज आंच पर उबाल आने दें. उबाल आने के बाद आंच को मध्यम से तेज रखें.
दूसरा चरण
अब लगातार बड़े कछुल से दूध को चलाते रहें. खास बात यह है कि कड़ाही के किनारों पर जमने वाली मलाई को बार-बार खुरचकर वापस दूध में मिला दें. इससे खोया अधिक मलाईदार और स्वादिष्ट बनेगा.
तीसरा चरण
धीरे-धीरे दूध का पानी कम होने लगेगा. जब दूध लगभग आधा रह जाए, तब उसे लगातार चलाना और भी जरूरी हो जाता है, अगर इस समय ध्यान नहीं दिया गया तो मिश्रण नीचे लग सकता है.
चौथा चरण
करीब 20 से 25 मिनट बाद दूध रबड़ी जैसी गाढ़ी अवस्था में पहुंचने लगेगा. इस दौरान मिश्रण में बड़े-बड़े बुलबुले बन सकते हैं. ऐसे में आंच थोड़ी कम कर दें और कछुल को लगातार पेंदे तक चलाते रहें.
आखिरी चरण
जब मिश्रण गाढ़ा होकर एक जगह इकट्ठा होने लगे और कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे, तब समझ लें कि खोया तैयार है. गैस बंद कर दें और इसे पूरी तरह ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद खोया और अधिक गाढ़ा हो जाएगा.
2 लीटर दूध से कितना खोया तैयार होगा?
अगर फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल किया गया है, तो 2 लीटर दूध से लगभग 400 से 450 ग्राम तक शुद्ध खोया तैयार हो जाता है. मात्रा दूध की गुणवत्ता पर भी थोड़ी निर्भर करती है.
खोया कितने दिन तक सुरक्षित रहेगा?
ठंडा होने के बाद खोये को एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रिज में रखें. इसे 8 से 10 दिनों तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है, अगर ज्यादा समय के लिए रखना हो तो छोटे-छोटे हिस्सों में पैक करके फ्रीजर में भी स्टोर किया जा सकता है.
किन मिठाइयों में कर सकते हैं इस्तेमाल?
घर का बना ताजा खोया कई तरह की पारंपरिक मिठाइयों में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पेड़ा, बर्फी, कलाकंद, गुलाब जामुन, गुजिया, घेवर, रसमलाई, हलवा और कई अन्य मिठाइयों का स्वाद काफी बढ़ जाता है. सावन, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों के लिए इसे पहले से तैयार करके रखा जा सकता है.
घर का खोया क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद?
आजकल लोग खाने की शुद्धता को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. यही वजह है कि घर पर बनी चीजों की ओर रुझान बढ़ रहा है. थोड़ी-सी मेहनत से तैयार किया गया शुद्ध खोया न केवल स्वाद में बेहतर होता है, बल्कि परिवार की सेहत के लिए भी सुरक्षित माना जाता है. इस सावन अगर आप मिठाइयां घर पर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले शुद्ध खोया तैयार करके रखें.